रामबोड हादसा:इंजीनियर की मौत की कीमत 23 लाख…cims मे अब सड़ने लगी लाश… प्रशासन का फूला हाथ पैर

जिला प्रशासन ने बनाया दबाव.. अब तक नहीं मिला सरकार से मुआवजा

बिलासपुर… गुरुवार को मुंगेली जिला स्थित रामबोर्ड के धमनी गाँव में कुसुम पावर प्लांट का साइलो गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। करीब 40 घंटे की रेस्क्यू के बाद सभी शव को निकाला गया.. जिला प्रशासन मुंगेली ने बाद में मलवे से निकले गए 3 शव को बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल के मरचुरी में भर्ती कराया?

पोस्टमार्टम का विरोध और देरी

शनिवार को मामले को लेकर परिजनों और जिला प्रशासन के बीच जमकर नोक झोंक हुई..परिजनों ने एक करोड़ मुआवजा और एक सरकारी नौकरी के वादे के बाद ही पोस्टमार्टम करने को कहा. देर शाम शनिवार को जिला प्रशासन मुंगेली के प्रयास से एक शव का पोस्टमार्टम किया गया.बाकी दो मृतक के परिजनों के विरोध के कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका…

सड़ने लगी है लाश

रविवार  सुबह cims से जानकारी मिली कि 2 मृतक जिसमें एक इंजीनियर का भी शव भी है बदबू आने लगी है..  खबर मिलते ही जिला मुंगेली प्रशासन हरकत में आ गया..  दोनों शव के परिजनों को बुलाकर पोस्टमार्टम करने का निवेदन किया.. काफी समझाइश के बाद इंजीनियर समेत दूसरे मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए..

लाश से आ रही बदबू

इसी दौरान जानकारी मिली कि मुंगेली जिला प्रशासन सिम्स और परिजनों पर लगातार दबाव बनाते हुए जल्द से जल्द पोस्टमार्टम  के लिए कहा.. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  जिला प्रशासन की जल्दबाजी की मुख्य वजह cims मे रखे दोनों लाश से बदबू का आना है.. सिम्स के डॉक्टरों ने बताया कि शव गुरुवार का है.. अधिकतम 26 घंटे तक ही उसे सुरक्षित सामान्य स्थिति में रखा जा सकता है.. फ्रीजर में आने के बाद 10-15 घंटे और समय मिल जाता है.. लेकिन समय ज्यादा हो गया है. लाश सड़ने लगी है.

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जानकारी के बाद दबाव में प्रशासन और परिजन

यदि पोस्टमार्टम जल्द नहीं किया गया तो स्थिति बदतर हो सकती है.. सिम्स डॉक्टर ने बताया कि जब सिम में  लाश लाया गया था उसी समय सड़ना शुरू हो चुका था.. आज की स्थिति में लाश की स्थिति खराब होती जा रही है..

जानकारी अभी मिल रही है कि प्रबंधन की तरफ से मुंगेली जिला प्रशासन मृतक के परिजनों पर लाश सड़ने को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं.और मृतक के परिजन शायद इसलिए ही शर्तों से समझौता करते हुए पोस्टमार्टम के लिए तैयार है.. बावजूद इसके अभी भी आगे पीछे की स्थिति बनी हुई है..

23 लाख मुआवजा का दबाव  दबाव

बताते चलें कि कुसुम पावर प्लांट के मालिकों ने पहले ही एक करोड़ मुआवजा देने से इनकार किया है.. लेकिन लाश सड़ने की जानकारी के बाद सभी परिजन  22 लख रुपए की मुआवजा मे पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गए.. इसके अलावा प्रबंधन ने  एक लाख रुपए अंतिम क्रिया कर्म के लिए देने का वादा किया है..

प्रशासन  की नहीं खुली मुट्ठी 

आश्चर्य की बात है इस बड़े हादसे के बाद शासन की तरफ से अभी भी परिजनों के लिए कोई राहत भरा कदम नहीं उठाया गया ह शासन के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अभी तक मृतक परिजनों के लिए सरकार ने मुआवजा का ऐलान नहीं किया है.. हां प्लांट मालिकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है.

पुलिस कप्तान के आदेश का इंतजार

खबर मिल रही है कि सिम्स प्रबंधन की तरफ से बिना पुलिस कप्तान के आदेश पर पोस्टमार्टम  से इनकार कर दिया गया है… सिम्स की तरफ से बताया गया कि जब तक बिलासपुर पुलिस कप्तान का आदेश नहीं होगा हम पोस्टमार्टम नहीं करेंगे..

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कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश

परिजनों की तरफ से हो हंगामा के बीच मुंगेली जिला कलेक्टर राहुल देव ने औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया है .. कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि प्लांट में लगे हर सायलों के उपयोग की जांच करें.. सुरक्षा संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करें.. एक अन्य निर्देश में कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों को आगामी कार्यवाही तक श्रम विभाग में फैक्ट्री एक्ट के प्रावधानों के तहत सभी मामलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है . कलेक्टर ने पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को भी आदेश दिया है.. पर्यावरण मानकों का कठोरता से पालन कर नियमों की तथ्यात्मक रिपोर्ट  पेश करें.. कलेक्टर ने  संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जब तक जांच करवाई पेश नहीं हो जाती है. उचित कदम नहीं उठाया जाता है ..तब तक राम बोर्ड धमनी स्थित कुसुम इसमेल्टर प्लांट को सील किया जाए..

कंपनी एक्ट के तहत अपराध दर्ज का आदेश

जानकारी देते चले कि एक दिन पहले हादसे को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जिला प्रशासन को कठोर कदम उठाने का आदेश दिया है.. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाह कंपनी के खिलाफ कंपनी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए…

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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