MP Today weather – मध्य प्रदेश में मानसून का कोटा अब भी 6 प्रतिशत कम, 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

भोपाल। मानसून के विदा होने में अब करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है। प्रदेश में अब तक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि सामान्य बारिश 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत बारिश कम हुई है।

इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ, जबकि भोपाल, ग्वालियर सहित 23 जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिरा है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है। पिछले चार दिनों से पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश का दौर बना हुआ था।

सोमवार को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई, लेकिन मंगलवार से सिस्टम कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के बीच प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

इस मानसून पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सागर के निवाड़ी में सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। मऊगंज में यह आंकड़ा 44 प्रतिशत, सतना में 34 प्रतिशत और मैहर में 29 प्रतिशत ज्यादा है।

बारिश को इंच में देखें तो मऊगंज में अब तक 54.9 इंच पानी रिकॉर्ड किया गया है। सतना में भी 50 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर में स्थिति कमजोर है। यहां अब तक सिर्फ 16 इंच बारिश दर्ज की गई है और यह सामान्य कोटे की आधी बारिश भी पूरी नहीं कर पाई है।

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मौसम विभाग के मुताबिक आज 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसके फैलाव में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

इनमें आलीराजपुर की स्थिति सबसे कमजोर है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से करीब 1 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से के आंकड़ों में सुधार हुआ है।

कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा। इसके चलते सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा सामान्य से ऊपर पहुंचा था, लेकिन सोमवार तक यह फिर 1 प्रतिशत कम हो गया।

23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

अगले चार दिन भारी बारिश से राहत

आईएमडी भोपाल के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े सक्रिय सिस्टम का प्रभाव नहीं है। इसलिए अगले चार दिन अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं है। 15 से 17 सितंबर के बीच हल्की बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले सात दिनों के दौरान बारिश का असर कहीं कम तो कहीं ज्यादा रह सकता है।

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पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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