गुजरात में पकड़ाया गिरोह का अंतर्राज्यीय सरगना..आरोपी ने बताया इस तरह देते हैं मंसूबों को अंजाम..फऱार साथियों के बारे में दी यह जानकारी

स्टाक मार्केट में रूपया कई गुना का झांसा देकर 42 लाग रूपयों की ठगी

बिलासपुर—रेंज साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन फायनेंशियल फ्रॉड मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। सरगना का नाम चिंगराजी ठाकोर है। आरोपी मेहसाणा गुजरात का रहने वाला है।  पुलिस के अनुसार आनलाइन फ्राड ठगी मामले में फरार तीन आरोपियों की लगातार पतासाजी की रही थी। मामला धरमजयगढ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने सरगना से फर्जी सिम कार्ड,  फर्जी बैंक खाता बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि ठगी के दौरान इंडिया मार्ट प्लेटफार्म का उपयोग कर प्रीमियम बल्क डेटा’’ वेबसाईट से ऑनलाईन ठगी को अंजाम देते हैं। 
 पुलिस के अनुसार धरमजयगढ़ निवासी आनंद अग्रवाल ने थाना पहुंचकर आनलाइन ठगी का रिपोर्ट दर्ज कराया। पीडित ने बताया कि  स्टॉक मार्केट में स्टॉक लेने और खरीदने पर मार्केट मूल्य 3,48,40,000/- रूपये फायदा होना बताकर किस्तों में करीब 42 लाख रूपया जमा करवाया। आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने  मामले को  विवेचना में लिया ।
आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि धोखाधडी करने वाले व्यक्तियों पतासाजी शुरू हुई। आरोपियों के बैंक खातों को चिन्हांकित किया गया। ऑनलाईन ट्रांजेक्शन और घटना संबधित तकनीकी जानकारियों को एकत्रित किया गया। छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी गुजरात प्रांत के अलग अलग शहर में रहता है। जानकारी के बाद पुलिस टीम को रवाना किया गया। 3 आरोपियां को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया गया। प्रकरण में फरार मुख्य आरोपी चिरागजी ठाकोर और मीतुल, गजेन्द्र की लगातार पतासाजी की जा रही थी।
टीम ने पतासाजी के दौरान फरार मुख्य आरोपी चिरागजी ठाकोर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने साथियों के साथ अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि PREMIUM BULK DATABASE COMPANY  से शेयर ट्रेडिंग करने वालों का नंबर खरीदते थे। 3 श्रेणियों में नंबर उपलब्ध कराये जाते थे। जिसने पहले श्रेणी में जो ट्रेडिंग करना चालू किया है।  ऐसे लोगों के नंबर 10 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे।  दूसरे श्रेणी में ट्रेडिंग करने वालों का नंबर 5 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे । तीसरे श्रेणी में ऐसे लोग जो काफी लंबे समय से ट्रेडिंग कर रहे हैं। ऐसे लोगों का नंबर 1 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे।
आरोपी ने बताया कि जिन लोगों के फंसने चांस अधिक होते थे उन नंबर को अधिक कीमत पर खरीदते थे।  कॉल कर लोगों को अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी करने का काम करते थे। आरोपियो ने बताया कि फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसमें एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड्र मोबाईल नम्बर प्राप्त करने के बाद विभिन्न लोगो के नाम से फर्जी सिम कार्ड खरीदकर ठगी की रकम को बैंक खाताओं में जमा करवाया जाता था। इसके बाद जमा रूपयों को फर्जी सिम और एटीएम के माध्यम से आहरण किया करते हैं।
            पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बताया कि प्रकरण में फरार दो अन्य आरोपी मीतुल और  गजेन्द्र कोभी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही है।
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Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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