संगीत जगत में शोक की लहर: सुलक्षणा के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख

संगीत जगत में शोक की लहर: सुलक्षणा के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख

रायपुर

भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री, मधुर स्वर साधिका छत्तीसगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। सीएम ने ट्वीट कर कहा, संगीत और अभिनय की उनकी यात्रा की जड़ें छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की उस सांस्कृतिक मिट्टी से जुड़ी थी, जहां संगीत एक परंपरा नहीं एक जीवनधारा है। रायगढ़ की पुरानी बस्ती के रामगुड़ी पारा स्थित अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में जन्मी सुलक्षणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायगढ़ के पैलेस रोड स्थित शासकीय बालिका विद्यालय में प्राप्त की।

सीएम साय ने कहा, सुलक्षणा के पिता प्रताप नारायण पंडित राजा चक्रधर सिंह के दरबार के प्रसिद्ध तबला वादक थे। उनके परिवार के लिए संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार था और सुलक्षणा जी ने उसी संस्कार को सुरों में ढालकर पूरी दुनिया तक पहुंचाया और छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया।

सीएम ने कहा, उनकी आवाज में सादगी थी, भाव था और इस मिट्टी की सुगंध थी। छत्तीसगढ़ उनकी इस अमर संगीत यात्रा को नमन करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें।

बता दें कि सुलक्षणा पंडित 70 के दशक में बॉलीवुड की स्टार थीं। एक्ट्रेस फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेहतरीन सिंगिंग के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। वे 1967 की फिल्म ‘तकदीर’ में लता मंगेशकर के साथ ‘सात समंदर पार से’ गाने से मशहूर हुईं।

एक्ट्रेस सुलक्षणा को 1976 में फिल्म संकल्प के गाने ‘तू ही सागर तू ही किनारा’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। उन्होंने 1975 में फिल्म उलझन से एक एक्ट्रेस के तौर पर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। कहा जाता है कि उस समय एक्ट्रेस सुलक्षणा बॉलीवुड सुपरस्टार संजीव कुमार से प्यार करती थी, लेकिन जब उन्होंने उनका प्रपोजल ठुकरा दिया तो उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया। उनका आखिरी प्लेबैक गाना फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में था, जो 1996 में रिलीज हुई। इसे उनके भाइयों जतिन और ललित ने कंपोज किया था। 

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