80वां स्वतंत्रता दिवस: PM मोदी लाल किले से 13वीं बार फहराएंगे तिरंगा, बनेंगे कई नए रिकॉर्ड्स
पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, गार्ड ऑफ ऑनर देंगे 100 जवान
15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है, और दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर इस बार का आयोजन कई मायनों में खास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसके साथ ही कई नए रिकॉर्ड भी बनने जा रहे हैं।
लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराने का गौरव
प्रधानमंत्री मोदी इस बार लाल किले पर लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। पिछले वर्ष उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 11 बार के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह सिलसिला जारी रखा था। हालांकि इंदिरा गांधी (कुल 16 बार) और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (कुल 17 बार) के समग्र रिकॉर्ड तक पहुंचने में उन्हें अभी क्रमशः 3 और 4 अवसर और चाहिए।
साथ ही, इस बार तिरंगा फहराकर प्रधानमंत्री मोदी सबसे अधिक बार ध्वजारोहण करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनने का ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल करेंगे।
सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड फिर टूट सकता है
पिछले साल यानी 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 103 मिनट (1 घंटा 43 मिनट) का भाषण देकर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। इस बार भी उनके भाषण के इस रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
150 साल पूरे होने पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
देश के 80 साल के स्वतंत्रता दिवस इतिहास में यह पहला मौका होगा जब लाल किले के समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का विशेष गायन होगा। यह आयोजन वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
गार्ड ऑफ ऑनर: सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस साथ
प्रधानमंत्री को इस बार सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों व जवानों की संयुक्त टुकड़ी ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगी, जिसमें कुल मिलाकर करीब 100 जवान शामिल होंगे।
समारोह का पूरा शेड्यूल
लाल किले पर रक्षा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे, इसके बाद उन्हें सैल्यूटिंग बेस तक ले जाया जाएगा जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी उन्हें ‘जनरल सैल्यूट’ देगी। इसके पश्चात प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे और फिर लाल किले की प्राचीर पर पहुंचकर तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के स्वागत के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

