Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-माघ माह का अंतिम प्रदोष व्रत 9 फरवरी को, जानें शुभ मुहूर्त और विशेष महत्व

Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, जिसे हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती ह.
Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-जिससे जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वर्ष माघ महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 9 फरवरी को रखा जाएगा, जो बेहद शुभ माना जा रहा है।
Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 फरवरी को शाम 07:24 बजे से शुरू होकर 10 फरवरी को शाम 06:57 बजे तक रहेगी। इस दिन का प्रदोष काल 9 फरवरी को शाम 07:24 से रात 08:41 तक रहेगा, जो शिव पूजा के लिए उत्तम समय है।
Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-इस खास व्रत के दिन त्रिपुष्कर योग, प्रीति योग और शिववास योग का निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी शुभ बनाता है। ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को अत्यधिक फलदायी माना जाता है, जिससे इस योग में की गई पूजा का दोगुना लाभ मिलता है। इसके साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग भी इस दिन को आध्यात्मिक रूप से विशेष बना रहा है।
Ravi Pradosh Vrat 2025 Date-रवि प्रदोष व्रत होने के कारण इस दिन भगवान सूर्य की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि, निरोगी काया और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही, इसे करने वाले व्यक्ति को पुण्य लाभ भी मिलता है।
माघ माह का अंतिम प्रदोष व्रत इस बार दुर्लभ योगों के संयोग में आ रहा है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव की पूजा कर भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति और जीवन के कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं।
पंचांग
- सूर्योदय – सुबह 07 बजकर 04 मिनट पर
- सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 07 मिनट पर
- चन्द्रोदय- दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर
- चंद्रास्त- सुबह 05 बजकर 36 मिनट पर (10 फरवरी)
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक


