अब कर्मचारी भी लगाएंगे जनदर्शन में फरियाद…कलेक्टर का फरमान…छुट्टी से पहले लेना होगा परमिशन..इन्हें बनाया नोडल
अब प्रत्येक मंगलवार 4-5 के बीच सुनी जाएगी फरियाद

बिलासपुर–छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र 16 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। कलेक्टर ने फरमान जारी कर जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारियों को बिना परमिशन छुट्टी नहीं जाने का फरमान जारी किया है। जिला कार्यालय से प्रेस नोट जारी कर कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि विधानसभा सचिवालय से सवाल आने लगे हैं। समय-सीमा में सवालों का जवाब बनाना और भेजना जिला प्रशासन की महति जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने बताया कि अब प्रत्येक मंगलवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
कलेक्टर ने सुनाया फरमान
जिला प्रशासन ने फरमान जारी किया है किशीतकालीन सत्र 16 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। कलेक्टर ने अवनीश शरण ने बताया कि जाहिर सी बात है कि सवालों काआना शुरू हो गया है। समय सीमा में सवालों का जवाब भेजना अनिवार्य है। इसके लिए अधिकारियों को मुख्यालय में रहना बहुत जरूरी है। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि अधिकारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति से अवकाश पर नहीं जाएंगे। आकस्मिक स्थिति में कार्यालयीन समय और अवकाश के दिनों में भी अधिकारियों को कार्यालय में उपस्थित रहना होगा।समय-सीमा में विधानसभा के सवालों का जवाब भेजने के लिए अतिरिक्त कलेक्टर आरए अधारी को नोडल अधिकारी और संयुक्त कलेक्टर एसएस दुबे को सहायक नोडल अधिकारी बनया गया है।
कर्मचारियों की समस्या और जनदर्शन
कलेक्टर ने टीएल बैठक में बताया कि अब प्रत्येक मंगलवार की शाम 4 से 5 के बीच जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यालय में किया जाएगा। इस दौरान सभी शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने टीएल बैठक में बताया कि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर परेशान रहते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए जनदर्शन आयोजन का फैसला लिया गया है। इस दौरान संबधित अधिकारी और कर्मचारियों से विभागीय शासकीय समस्याओं और व्यक्तिगत समस्याओं को सुना जाएगा। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हो सकेंगे।
कलेक्टर से जन की फरियाद
कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से गुहार लगाने पहुंचे लोगों की समस्याओं से दो चार हुए। इस दौरान कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को सुना। कई आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया। इस दौरान कलेक्टर ने कर्ज माफी , किश्त के नाम पर ठगी, सीमांकन,अवैध कब्जा, बाउन्ड्रीवाल निर्माण समेत दर्जनों समस्याओं को ना केवल गंभीरता से लिया। बल्कि सबंधित विभागों को आवेदन भेजकर समस्या निराकण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा।









