सीबीआई ने डाला महादेव सट्टा में हाथ…..ईडी और ईओडब्लू ने डायरी किया टीम के हवाले..आलाधिकारियों, नेताओं के फूलने लगी सांस

सीबीआई टीम महादेव सट्टा एप घोटाला की जांच..6 हजार करोड़ का मामला

रायपुर—महादेव सट्टा ऐप मामले में जांच का जिम्मा अब सीबीआई के हाथ आ गया है। घोटाला छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई ने महादेव एप मामलें अब तक की छानबीन की डाय़री को सीबीआई के हवाले कर दिया है।  जिम्मेदारी मिलते ही सीबीआई ने जांच पड़ताल भी वाई शुरु कर दिया है। खबर के बाद कई अधिकारियों और नेताओं के के हाथ पांव फूलने शुरू गए हैं और धड़कने भी तेज हो गयी हैं।
 
बहुचर्चित महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की एंट्री हो गई है। मतलब राज्य शासन ने सट्टा एप घोटाले का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है। बहरहाल मामला अब तक ईडी और ईओडब्लू के पास था। दोनों ही एजेसिंयों ने जांच डायरी सीबीआई के हवाले कर दिया है।जिम्मेदारी मिलते ही सीबीआई ने जांच शुरू भी कर दिया है। अधिकारी दिल्ली से रायपुर पहुंचने लगे है। 
 
शीर्ष पुलिस अधिकारियों के नाम
 
बताते चलें कि महादेव सट्टा एप के माध्यम से अरबों रूपयों का घोटाला का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय ने जांच पड़ताल के बाद किया था। खुलासा के बाद अधिकारियों और नेताओं में खलबली मच गयी थी। एक बार फिर खलबली मच गयी है। राज्य शासन ने महादेव एप सट्टा मामले में जांच का जिम्मा सीबीआई के हवाले कर दिया है।
 
बताते चलें कि रायपुर स्थित  विशेष पीएमएलए कोर्ट में ईडी ने तीन आरोपपत्र दाखिल कर घोटाला में उच्च रैंकधारी IAS, IPS, राज्य पुलिस के आलाधिकारियों, पुलिस कर्मियों समेत राजनेताओ के साथ महादेव ऐप से संबध का खुलासा किया। साथ ही भयंकर भ्रष्टाचार को लेकर चिंता भी जाहिर की। ईडी ने इस दौरान बताया कि महादेव सट्टा काण्ड में शामिल राज्य सेवा के एक अधिकारी ने बाद में ईडी का जांच के दौरान सहयोग किया।सट्टा की गतिविधियों पर रोक लगाने में सफलता मिली। यद्यपि इस अधिकारी पर मुख्य आरोपियों ने बयान दिया है कि राज्य प्रशासन के पुलिस अधिकारी ने महादेव सट्टा एप को प्रमोट के साथ सरंक्षण देने का काम किया है। एवज में करोड़ों रूपयों का भुगतान हुआ है। अधिकारी ने घोटाले के रूपयों से  रायपुर में चल अचल संपत्ति बनाया है। 
 
गिरफ्तार आरोपियों का नाम
 
जानकारी देते चलें कि ईडी ने 2022 में मामला दर्ज करने के बाद सट्टेबाजी में शामिल सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी, रवि उप्पल, अतुल अग्रवाल को आरोपी बनायाङै। पुलिस कर्मचारी मीडिया से जुड़े लोगों को भी पकड़ा है। व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया है। लेकिन अभी तक आरोपी बनाए गए किसी बड़े अधिकारी और नेता की गिरफ्तारी नहींर हुई है। 
 
6000 करोड़ घोटाला का सबूत
 
चार्जशीट में कई नेताओं, ओएसडी, आईजी रैंक के अधिकारी, पुलिस के आलाधिकारियों के अलावा टीआई रैंक के अधिकारी के नाम है। जार्च शीट में विधायक का भी जिक्र है। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। ईडी के अनुसार सभी ने मिलकर करीब 6000 करोड़ का घोटाला किया है।
दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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