भाजपा नए अध्यक्ष ने संभाला कमान…8 जनवरी को नए चेहरों को मिलेगी सरकार में जिम्मेदारी..? या फिर अप्रैल में ही होगा कायाकल्प
अब मंत्रीमंडल विस्तार की चर्चा..किरण सिंह देव बने प्रदेश अध्यक्ष

बिलासपुर— प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध और सर्वसम्मति सम्पन्न हुआ। निवर्तमान अध्यक्ष किरण सिंह देव को दुबारा पार्टी की कमान मिली है। इसके साथ ही भाजपा में तेजी के साथ मंत्रीमंडल विस्तार की बात शुरू हो गयी है। भाजपा से ही चर्चा उठ रही है कि 18 जनवरी को कुछ मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। इसके पीछे सभी का अपना तर्क है। 19 जनवरी को चुनाव आंचार संहिता का लगना निश्चित है। मंत्री मंडल में बदलाव या फेरबदल की संभावना के लिए सिर्फ एक दिन यानी 18 जनवरी का ही समय है। यदि इस एक दिन में मंत्रीमंडल में बदलाव या विस्तार नहीं किया गया तो एक महीने बाद ही साय सरकार में चेहरों का फेरबदल संभव है।
शुक्रवार को दिल्ली से पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश संगठन मुखिया का एलान कर दिया है। एक बार फिर बस्तर संभाग के नेता निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के हाथ में कमान मिल गयी है। प्रदेश अध्यक्ष एलान के बाद भाजपा नेताओं में जमकर चर्चा है कि देर शाम बैठककर पार्टी के वरिष्ठ नेता 18 जनवरी को साय मंत्रीमंडल के नए चेहरों का फैसला कर सकते है। यद्यपि इसकी संभवान कम है। बताया जा रहा है यदि 18 जनवरी को नए चेहरों को मंत्रीमंडल में सथान नहीं मिला तो चुनाव के बाद अप्रैल में साय मंत्रीमंडल में फेरबदल निश्चित है।
नए प्रदेश अध्यक्ष एलान के बाद मंत्रीमंडल के कार्यों को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच विभागीय मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा की बात भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंत्रीमंडल में फेरबदल से पहले लोकनिर्माण, नगरीय निकाय, पंचायत मंत्रालय,वित्त, स्वास्थ्य,राजस्व, जीएसटी, आबकारी विभाग के मंत्रियों के काम काज के अलावा विभागीय स्थिति को लेकर मंथन किया जाएगा। इसके बाद ही परफार्मेन्स के आधार पर मंत्रीमंडल में फेरबदल या नए चेहरों को जगह दिया जाएगा।
किरण सिंह देव के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी का एक खेमा बता रहा है कि यदि 18 जनवरी को अमर,राजेश,अजय,समेत नए चेहरों में किसी को मंत्रीमंडल में स्थान मिल जाए तो आश्चर्य नहीं होगा..क्योंकि दिल्ली हाईकमान की कार्य पद्धति ही कुछ ऐसी है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो फिलहाल संभावना बहुत कम है। यदि इस संभावना को नजर अंदाज करे तो साय मंत्रीमंडल का कायाकल्प अप्रैल महीने में निश्चित है। बहरहाल किरण सिंह देव को एक बार फिर कमान मिलने से पार्टी नेताओं में हर्ष है।









