समीक्षा बैठक..किसी को पुचकार..किसी को फटकार..अवनीशरण ने कहा..ठेकेदार को करें ब्लैकलिस्ट…30 करोड़ दिया..फिर भी काम में ठिलाई
प्रगति रिपोर्ट देखकर कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियो को फटकारा

Join WhatsApp Group यहाँ क्लिक करे
बिलासपुर—-कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वास्थ्य विभाग समेत पीएचई, जल संसाधन और विद्युत विभाग अधिकारियों के साथ बैठक कर कामकाज की समीक्षा की है। कलेक्टर ने इस दौरान नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पर्याप्त फण्ड के बावजूद अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में विलंब किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस दौरान एजेंसियों को चेतावनी भी दी है। कलेक्टर ने बिजली अधिकारियों को दो टूक कहा कि काम लटकाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करें। जहां तहां झूल रहे बिजली तारों को जल्द से जल्द ठीक कर रिपोर्ट पेश करें।
30 करोड़ दिया..फिर भी धीमा
कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक लेकरकामकाज की विस्तार से समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेक्टर की मजबूती के लिए गत 1 वर्ष में डीएमएफ समेत अन्य मद से 30 करोड़ का कार्य मंजूर किया गया है। बावजूद इसके कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमा है। मरीजों और जनहित के कामों में ढिलाई और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्य एजेंसियों को तेज गति से काम करने की चेतावनी दी है। बैठक में निगम आयुक्त अमितकुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉक्टर प्रमोद तिवारी उपस्थित थे।
पीएचई अधिकारी पर बरसे कलेक्टर
कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्य एजेंसी अफसरों, पीएचई, पीडब्ल्यूडी और निर्माण एजेंसियों की बैठक ली। डीएमएफ के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए स्वीकृत किए गए कार्यों की सिलसिलेवार समीक्षा की। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में नलकूप खनन और पेयजल आपूर्ति के विषय में पीएचई के अधिकारी से जानकारी ली। स्पष्ट जवाब नही मिलने पर अवनीश शरण ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की है। अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिया है। जिला अस्पताल और सिम्स के लिए स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही अधूरे कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने को कहा है।
रिपोर्ट पर जाहिर की खुशी
अवनीश शरण ने पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा करते हुए अनुमोदित कार्यों को जल्द पूरा करने को कहा। लापरवाही और लेटलतीफी को लेकरर नाराजगी भी जाहिर किया। स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर पैनल के विषय में क्रेडा प्रभारी से जानकारी ली। बताया गया कि डीएमएफ के तहत 15 स्वास्थ्य केंद्रों में सौर संयंत्र की स्थापना की जा रही है। 10 केंद्रों में सोलर पैनल की स्थापना की जा चुकी है। कलेक्टर ने रिपोर्ट पर खुशी जाहिर की।
बेहतर प्रयास की जरूरत
कलेक्टर शरण ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर क्रियान्वयन के लिए ये जरूरी है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए डीएमएफ के तहत बिल्हा, बेलगहना, आमागोहन, कुरदर, सीपत, खोनंदरा, पिपरतराई, सिम्स, जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है । सिम्स में गैस पाइपलाइन, रैंप निर्माण, डिजी सेट स्थापना, जिला चिकित्सालय में परिजन शेड, बर्न यूनिट, नेफ्रोलॉजी विभाग नवीनीकरण, विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तन, परिवर्धन एवं एनक्यूएएस कार्यक्रम के लिए उन्नयन कार्य, पेयजल आपूर्ति सहित केंद्रों में मरम्मत, रेनोवेशन सहित विभिन्न कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि गांवों में ट्रांसफार्मर समस्या की जानकारी मिलते ही तत्काल निराकरण करें। बैठक में कार्यपालन अभियंता पीएचई, जल संसाधन और विद्युत विभाग सहित सभी मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
कलेक्टर ने पीएचई के कामों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कार्यो को सही समय में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। काम में देरी से काम की लागत बढ़ती है । गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। लोगों को सुविधाएं मिलने में भी विलंब से मिलती है। गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी फिल्ड पर निरीक्षण करें। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिया कि जहां-तहां बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं।सर्वे कराकर सभी को ठीक किया जाए।









