CG NEWS:बिलासपुर में बिजली की आँख मिचौलीः ट्रांस्फार्मर के लिए जमीन नहीं मुहैया करा पा रहा नगर निगम.. ?

CG NEWS:बिलासपुर।।शहर में बीते एक डेढ़ साल से   बिज़ली की आंख मिचौली  किसी से छुपी हुई नही है .! लेकिन इस समस्या के लिए सिर्फ और सिर्फ राज्य का विद्युत वितरण विभाग ही जिम्मेदार नहीं है। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आवासीय व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र में बिजली पहुंचाने व्यवस्था और मेंटेनेंस करने का काम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का है। लेकिन यह व्यवस्था सुचारू रूप से चले इसके लिए नगर निगम बिलासपुर की भी एक बड़ी भूमिका विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर सहित 33 और 132 केवी के सब स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध करने की रही है। जिसको निभाने में नगर निगम बिलासपुर मुख्य भूमिका में सामने आता दिखाई नहीं दिया है।

जैसे जैसे बिलासपुर नगर निगम में शामिल शहर का विकास होते जा रहा है , आवासीय क्षेत्र में बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है।इसमें समस्या शहर के कोर क्षेत्र में अधिक है। इसमें बिजली विभाग की भी अपनी कई कमजोरियां है। लेकिन तकनीकी तौर पर विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर सहित 33 और 132 केवी के सब स्टेशन की जरूरत बीते कई सालों से लग रही है। उसके लिए नगर निगम क्षेत्र में जमीन की जरूरत बिजली विभाग को है। व्यापार विहार और मंगला विद्युत विभाग की पहली पसंद है। इस विभाग से जुड़े तकनीकी जानकारों का मानना है वर्तमान और भविष्य की विद्युत की मांग और आपूर्ति को देखते हुए 132 केवी का सब स्टेशन अगर शहर के बीच में लगता है तो इसका सीधा लाभ शहर की विद्युत व्यवस्था में होगा। शहर के भीतर जो वोल्टेज और बार बार पावर कट होने की समस्या आ रही है वह खत्म हो जाएगी।

चर्चा में यह बात बार -बार आती है कि व्यापार विहार में एक एकड़ से अधिक के करीब भूमि का चिन्हकान विद्युत विभाग की ओर से किया गया था। लेकिन नगर निगम की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण विभाग के प्रपोजल को खारिज कर दिया गया। बताया जाता है कि वहां पर व्यावसायिक दुकान बनाने की नगर निगम की योजना है।

ठीक ऐसे ही नगर निगम क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगाना विद्युत विभाग के लिए सबसे टेढ़ी खीर है। नगर निगम बिलासपुर के साथ राज्य विद्युत विभाग का कम्युनिकेशन अभी सवालिया निशान के घेरे में है। ऐसे में शहर बिजली आपूर्ति बाधा रहित रहे इसमें नगर निगम बिलासपुर अपनी आय के चक्कर में रोड़ा तो नहीं बन रहा है।आने वाले नगरीय निकाय चुनाव में बिजली की आंख मिचौली भी एक मुद्दा है। और इस समस्या का निदान निगम के पास भी है।क्योंकि निगम क्षेत्र में बहुत सी सरकारी ज़मीन का स्वामित्व निगम के पास ही है।

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