SECL पर 5 सौ पेड़ काटने का जुर्म…आत्मदाह की थमकी पर एसडीएम ने थमाया नोटिस..3 दिन में प्रबंधन से मांगा जवाब…कठोर कार्रवाई के संकेत

पांच सौ से अधिक पेड़ को उतारा मौत के घाट

बिलासपुर— एसडीएम पीयूष तिवारी ने पांच सौ हरे भरे पेड़ काटने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसईसीएल सह प्रबंदन को नोटिस थमाया है।  तीन दिनों के भीतर  जवाब पेश करने को भी कहा है। नोटिस में एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि तीन दिनों में जवाब नहीं मिलने पर एक तरफा कार्रवाई होगी।
 
      जानकारी देते चलें कि सरकन्डा सीपत रोड निवासी अमित मिश्रा ने जिला प्रशासन से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज का मामला सामने आया है। अमित मिश्रा ने बताया कि 30 जनवरी को एसईसीएल उच्चाधिकारियों के आदेश पर नेहरू शताब्दी नगर स्थित पांच से अधिक हरे भरे पेड़ों को मौत के घाट उतारा गया। घटना को लेकर व्य़थित है। काटे गए ज्यादातर पेड़ करीब 25 से तीस साल पुराने हैं। यदि एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया गया तो  साथी नेहल मिश्रा के साथ एसईसीएल कार्यालय के सामने पांच फरवरी को आत्मदाह करूंगा।
 
                    शिकायत और धमकी को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम पीयूष तिवुारी ने हल्का पटवारी चांटीडीह को तत्काल जांच पड़ताल का आदेश दिया। परवारी रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया।  रिपोर्ट में बताया कि नेहरू  शत्ताब्दी नगर स्थित खसरा नम्बर 561/1 रकबा 4.2552 हेक्टेयर में 25 साल पहले गुलमोहर का प्लान्टेशन किया गया। प्रबंधन के इशारे पर खसरा में दर्ज करीब पांच सौ अधिक पेड़ों को बिना अनुमति काटा गया है।  काटे गए  अधिकतर पेड़ों की औसत मोटाई आधा से एक मीटर के बीच है। प्रबंधन ने पेड़ काटने से पहले अनुमति भी नहीं लिया है। 
 
  पटवारी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने छत्तीसगढ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 के तहत एसईसीएल सह प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में बताया गया है कि संहिता की धारा 241 के नियम 04 के तहत् पेड़ काटना दण्डनीय अपराध है। तीन दिनों के भीतर जबाव पेश नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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