शराब दुकानों में वसूली कारोबार…डेढ़ दर्जन शिकायतकर्ताओं ने बताया…फोटो दिखाकर कम्पनी सुपरवाइजर पवन सिंह ने लूटा

पवन सिंह नौकरी से निकालने की देता है धमकी

बिलासपुर–शराब दुकान सुपरवााइजर,सैल्समैन और भृत्य से रूपया वसूली का मामला धीरे धीरे गर्मता जा रहा है। मामले में सरकारी शराब दुकान के डेढ़ दर्जन से अधिक प्लैसमेन्ट कर्मचारियों ने आलाधिकारियों को लिखित में शिकायत दर्ज कराया है। लिखित शिकायत में बताया गया है कि पवन सिंह समेत चार लोग महीने में रूपया वसूली को अंजाम देते हैं। रूपया देने से मना करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते है। पीड़ितों ने बताया है कि पवन सिंह खुद को प्लैसमेन्ट कम्पनी का फील्ड अधिकारी बताया है।

           जानकारी देते चलें कि तीन दिन पहले सीजी वाल ने खबर प्रकाशित किया था कि शराब दुकान कर्मचारियों से अवैध वसूली का कारोबार लम्बे समय से चल रहा है। आरोपीगण सिन्डीकेट बनाकर रूपया नहीं देने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देते है।

 बताते चलें कि पुरानी प्रक्रिया बन्द होने के बाद प्रदेश में  सरकारी शराब दुकानों का संचालन कार्पोरेशन सिस्टम से किया जा रहा है। आबकारी विभाग के संरक्षण में दुकानों का संचालन प्लैसमेन्ट कर्मचारयों के माध्यम से किया जाता है। पुराने हो चुके नए सिस्टम में  जिले के सभी 64 दुकानों में सुपरवाइजर समेत जरूरत के हिसाब से सैल्समैन और भृत्य चपरासी की नियुक्ति प्लैसमेन्ट कम्पनी करती है। आबाकारी विभाग सभी नियुक्त कर्मचारियों को नियम निर्देशों का जानकारी देता है। कर्मचारियों का भुगतान महीने में प्लैसमेन्ट कम्पनी के माध्यम से आबकारी विभाग करता है।

  लम्बे समय से शिकायत मिल रही थी कि प्लैसमेन्ट कर्मचारियों से कुछ पुराने शराब कारोबारियों के पण्डे अवैध वसूली कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से पवन सिंह, रंजीत ऊर्फ लड्डू सिंह, जितेन्द्र राणा और नरेन्द्र पासवान का नाम प्रमुख है। पवन सिंह और उसके साथी खुद को प्लैसमेन्ट कम्पनी का ओआर्डिनेटर बताकर अवैध वसूली को लम्बे समय से अंजाम दे रहे हैं।

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         आलाधिकारियों को लिखित शिकायत में  शराब दुकान के डेढ दर्जन से अधिक प्लैसमेन्ट कर्मचारियों ने बताया कि चारो आरोपी प्रत्येक महीना सुपरवाइजर से 5 हजार, सैल्समैन से तीन और भृत्यों से दो हजार की वसूली करते हैं। रूपया नहीं देने पर दिग्गज नेताओं के साथ अपना फोटो दिखाकर डराते और धमकाते हैं।नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। इसके चलते डरकर रूपया देने को मजबूर होना पड़ता है।

बहरहाल फोटो दिखाकर अवैध वसूली और बाहरी शराब बेचने का मामला गंभीर मोड़ पर है। बताया जा रहा है कि आलाधिकारी  मामले की जांच कर रहें हैं। देखने वाली बात होगी कि प्लैसमन्ट कम्पनी कर्मचारियों की शिकायत पर अब क्या कार्रवाई होती है। यद्यपि शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि पिछले दो एक दिनों से पवन सिंह समेत सभी आरोपी फरार है। इसके चलते दो तीन दिन से वसूली का कारोबार बन्द है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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