पाराघाट सरपंच प्रदीप का बड़ा दिल…20-20 हजार में सरकारी जमीन को टुकड़ों टुकड़ों में बेचा..कई एकड़ भूमि राखड़ से पाटा…पूरी हुई जांच

ग्रामीणों की शिकायत पर जांच..रिपोर्ट का इंतजार

बिलासपुर— पाराघाट के ग्रामीणों ने लिखित शिकायत कर मस्तूरी और जिला प्रशासन के सामने दो महीने पहले सरपंच पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप लगाया। साथ ही सरपंच पर जमीन हड़पने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए मस्तूरी प्रशासन ने तहसीलदार को तत्काल जांच का आदेश दिया। सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत सरपंच पर लगाए सभी आरोप सही पाए गये हैं। देखने वाली बात होगी का आदतन बदमाश ग्राम पंचायत सरपंच पर प्रशासन अब क्या कार्रवाई करती है। 

 

सरपंच पर जमीन बेचने का आरोप

 

जानकारी देते चलें कि करीब दो महीना पहले पाराघाट निवासी राधेश्याम खाण्डेकर की अगुवाई में पाराघाट के ग्रामीणों ने जिला और मस्तूरी प्रशासन से सरपंच पर सरकारी जमीन बेचने का लिखित आरोप लगाया। मामले में मस्तूरी एसडीएम  ने तहसीलदार को जांच का आदेश दिया। तहसीलदार ने जांच पड़ताल कर रिपोर्ट पेश कर दिया है।

 ग्रामीणों ने तत्कालीन समय शिकायत में बताया कि पाराघाट सरपंच आदतन बदमाश है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में करीब 120 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन है। जमीन को पंचायत ने बेजा कब्जा से मुक्त कराया। प्रदीप सोनी ने सरपंच बनने के बाद करीब 30 से 35 एकड़ सरकारी जमीन पाटकर कब्जा कर लिया।

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया कि सरपंच प्रदीप सोनी ने शासकीय मद की जमीन को तीन-तीन डिसमिल में टुकड़ा कर 20-20 हजार में बेच रहा है। अब तक करीब दर्जन से अधिक लोगों ने जमीन खरीद भी लिया है। विरोध करने पर आरोपी रसूखदार सरपंच जातिगत गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देता है।

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चारागाह की जमीन पर किया कब्जा

 

ग्रामीणों की माने तो प्रदीप कुमार आदतन बदमाश है। ना तो पंच की सुनता है और ना ही गांव के किसी भी व्यक्ति की बात मानता है। चारागाह की जमीन 525/1 और 525 / 3 पर लगातार कब्जा से निस्तारी में परेशानी हो रही है। खासकर पशुओं के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरपंच के खिलाफ उचित कार्रवाई कर जमीन को कब्जा से छुड़ाया जाए। इसके अलावा भविष्य में सरकारी योजना के लिए जमीन को बचाना बहुत जरूरी है।

 

होगी सख्त कार्रवाई

 

 शिकायत के बाद तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जाधारी करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया। साथ ही मौका मुआयना कर जमीन को राखड़ से पाटने की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि जांच पड़ताल में शिकायत को सही पाया गया है। ग्राम सरपंच ने पटवारी हल्का 38 स्थित खसरा नम्बर 525/1 और 525 / 3 में से तीन-तीन डिसिमिल का टुकडा कर चुनावी लाभ के लिए सरकारी जमीन विक्रय किया है। जानकारी मिल रही है कि सरपंच के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। बहरहाल सरपंच के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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