तथाकथित सूदखोर भाजपा नेता फिर बच निकला..दुकान में बनवाता था फर्जी नियुक्ति पत्र…शहर में चर्चा, कब होगा गिरफ्तार

भाजपा नेता का नियुक्ति पत्र एक्सपर्ट यहां से हुआ गिरफ्तार

बिलासपुर—सिविल लाइन पुलिस ने दो दिन पहले अलग अलग विभाग में नौकरी दिलाने और लाखों रूपयों की ठगी के जुर्म में चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शहर में जमकर चर्चा है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी को एक बार फिर अभयदान दिया है। जबकि छानबीन के दौरान भाजपा नेता के दुकान से अलग अलग विभागों का फर्जी सील सिक्का और जरूरी दस्तावेज बरामद हुआ है। जबकि फर्जीवाड़ा के जुर्म में पुलिस ने दुकान के एक कर्मचारी को गिरफ्तार भी किया है। बताते चलें कि भाजपा नेता पार्टी में ना केवल बड़ा पदाधिकारी है बल्कि शहर में सूदखोरी का बहुत बड़ा कारोबारी भी है। 6 साल पहले पुलिस ने आरोपी को सूदखोरी के जुर्म में गिरप्तार किया था। लेकिन इस बार की तरह उस समय भी अपने रसूख के दम पर बच निकला था।

दो दिन पहले सिविल लाइन पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवा़ड़ा के जुर्म में चार लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें एक तथाकथित पत्रकार का नाम भी सामने आया।  पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चारो आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर एक एक पीड़ितों से 22- 22 लाख रूपया लिया। पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर करोड़ों रूपयों की ठगी को अंजा्म दिया। छानबीन और पूछताछ के बाद पुलिस ने अलग अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर चारों आरोपियों को जेल दाखिल कराया।

सूत्र के अनुसार पुलिस ने  एक आरोपी को मंगला चौक स्थित एक फोटो दुकान से गिरप्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम पुरूषोत्तम तिवारी है। यद्यपि पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि आरोपी को मंगला चौक स्थित फोटोकापी दुकान में नौकरी करता है। फोटोकापी दुकान तथाकथित किसी भाजपा नेता का है। सूत्र ने बताया कि जेल में बन्द पुरूषोत्तम तिवारी तथाकथित भाजपा नेता के इशारे पर फोटोकापी दुकान में फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करता था। फर्जी नियुक्ति थमाने के बाद वसूली का रूपया तथाकथित भाजपा नेता को पहुंचाता था।

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 जानकारी देते चलें कि तथाकथित भाजपा नेता मंगला चौक क्षेत्र में अच्छा रसूख रखता है। उसका अपाराधिक रिकार्ड भी जोरदार है। 6 साल पहले रसूखदार नेता को पुलिस ने सूदखोरी के आरोप में सबूत के साथ गिरफ्तार किया था। लेकिन किन्ही कारणों से सिविल लाइन थाना पहुंचने से पहले ही आईजी कार्यालय के सामने उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद बहुत दिनों तक राजनैतिक गतिविधियों से ना केवल खुद को दूर रखा। बल्कि कैमरे से भी किनारा किया।

अन्दर खाने के माने तो फोटोकाफी दुकान संचालक भाजपा नेता वर्तमान समय में करीब दस करोड़ से अधिक का आसामी है। लम्बे समय बाद सूदखोरी का कारोबार भी शुरू कर दिया है। किसी बात को लेकर एक स्कूल में उसका लम्बे समय से विवाद चल रहा है। सरकारी जमीन बेचने से लेकर अवैध प्लाटिंग का उसका कोई जवाब नहीं है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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