Education News: 13 सूत्रीय मांगों को लेकर फेडरेशन ने DPI में दी दस्तक, आंदोलन की दी चेतावनी

Education News।नया रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर के नेतृत्व में फेडरेशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

फेडरेशन की सबसे प्रमुख मांग ‘मोदी की गारंटी’ के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान जारी करने की है।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने चुनाव पूर्व इसे प्राथमिकता देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा, सेवा में आ चुके शिक्षकों को TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से मुक्त रखने की भी पुरजोर मांग की गई है।शिक्षकों ने VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसे ‘निजता के अधिकार’ का उल्लंघन बताते हुए फेडरेशन ने मांग की है कि या तो शासन टेबलेट/मोबाइल उपलब्ध कराए या मोबाइल भत्ता दे।

साथ ही, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने और युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग भी उठाई गई है।

पदोन्नति: संभागों में रिक्त पदों पर सहायक शिक्षकों को शिक्षक, ग्रंथपाल और व्यायाम शिक्षक के पदों पर जल्द पदोन्नत किया जाए।मतदाता सूची शुद्धिकरण (SIR) कार्य में लगे शिक्षकों को BLO के समान 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।

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अवकाश और भत्ता: अनुसूचित क्षेत्रों के शिक्षकों को 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश और शाला संचालन की लंबित राशि जल्द जारी हो।

स्थानांतरण और वरिष्ठता: हर साल 1 अप्रैल को वरिष्ठता सूची जारी की जाए और 1 मई से 15 जून के बीच खुली स्थानांतरण नीति लागू हो।

ब्रिज कोर्स: अत्यधिक फीस को कम कर विभागीय स्तर पर निःशुल्क कोर्स संचालित किया जाए।

मुलाकात के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र राठौर के साथ राजू टंडन, कौशल अवस्थी, बसंत कौशिक, और अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल थे।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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