जिला कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप…भाजपा सरकार आरक्षण विरोध…वह दिन दूर नहीं जब..ओबीसी चेहरों को चुनाव से किया जाएगा बाहर

जिला पंचायत आरक्षण सूची को लेकर विजय ने जताई नाराजगी

बिलासपुर–जिला निर्वाचन चुनाव आयोग पिछले दिनों जिला पंचायत आरक्षण  की सूची जारी किया। सूची जारी होते ही कांग्ग्रेस नेताओं ने आरक्षण सूची पर सवाल खड़ा कर दिया है। विजय केशरवानी ने आरक्षण प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि भारतीय जनता पार्टी  ओबीसी विरोधी है। जिला पंचायत सदस्यों की आरक्षण सूची सरकार के दबाव में तैयार किया गया है। स्थानीय ओबीसी वर्ग निकाय चुनाव में भाजपा को माफ नहीं करेगी।
  जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय केशरवानी ने जिला निर्वाचन आयोग से जारी जिला पंचायत आरक्षण सूची पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केशरवानी ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा नेताओं के इशारे पर आरक्षण सूची दबाव में तैयार किया गया है। आरक्षण सूची देखने के बाद साफ जाहिर होता है कि प्रदेश सरकार ओबीसी विरोधी  है। विजय ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए जिला, जनपद पंचायत और सरपंच और सरपंच पदों के लिए जारी आरक्षण सुूची दोषपूर्ण है। ओबीसी अधिकार और हितों की डकैती हुई है।
केशरवानी ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों के 17 में से केवल एक क्षेत्र क्रमांक 1 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। ओबीसी पुरुष को एक भी सीट नहीं दिया गया है। इसी तरह जिले के चार जनपद पंचायतों में दो अध्यक्ष के दो पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है।  एक पद अनारक्षित महिला और एक जनपद अध्यक्ष का पद अनारक्षित मुक्त  है। ओबीसी को बिलासपुर जिले के चार जनपद पंचायतों में से एक भी  पद नहीं दिया गया है। इससे जाहिर होता है कि भाजपा के नेता होल्डिंग और विज्ञापन बोर्ड में ही ओबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण देने तक सीमित है।आरक्षण प्रक्रिया के परिणाम  आने पर पिछड़ा वर्ग हितैषी होने का ढोंग सामने आ गया है। बावजूद इसके भाजपा के ओबीसी नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने बतयाा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीयत में खोट है। यदि पिछड़ा वर्ग नहीं जागा तो वह दिन दूर नहीं जब उन्हें चुनाव से बाहर कर दिया जाएगा। स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण में भेदभाव बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने नियमों में दुर्भावना पूर्वक संशोधन किया है।  ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय और अत्याचार है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं है। जबकि प्रदेश की सबसे बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है ।
केशरवानी ने कहा है कि भाजपा सरकार आयी है। पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को कुचला जा रहा है।  छत्तीसगढ़ की बहुसंख्यक आबादी को दबाया जा रहा है। वह दिन दूर नहीं जब ओबीसी वर्ग का चेहरा महापौर, पार्षद, जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य, अध्यक्ष और ग्राम पंचायतों में सरपंच पंच को तरस जाएगा। विजय ने भारतीय जनता पार्टी कोआरक्षण विरोधी बतयाा। उन्होने कहा कि भूपेश सरकार ने ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर विधानसभा में सर्वसम्मति से बिल पास कराया था।  लेकिन विधेयक षड़यंत्र पूर्वक रोका गया।
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Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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