मस्तूरी के कुख्यात बदमाशों को जिला बदर…दण्डाधिकारी ने दिया आदेश…आदतन बदमाश पाराघाट सरपंच प्रदीप पर भी गाज

आदतन बरदाश पाराघाट सरपंच प्रदीप सोनी को जिला बदर

बिलासपुर— पुलिस प्रशासन की मांग और लगातार अपराधिक गतिविधियों मे शामिल पाराघाट सरपंच समेत मस्तूरी क्षेत्र के दो कुख्यात बदमाशों को जिला दण्डाधिकारी ने जिला बदर का आदेश दिया है। लम्बी सुनवाई के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने स्थानीय जनता के लिए नासूर साबित हो रहे पचपेढ़ी निवासी संदीप ऊर्फ राजू मधुकर और कुख्यात सरपंच प्रदीप सोनी को जिला बदर का फरमान सुनाया है। जानकारी देते चलें कि पाराघाट सरपंच प्रदीप सोनी के खिलाफ नशे के अवैध कारोबार समेत जमीन प्रकरण के अलावा दर्जनों अपराध दर्ज है।  दोनो आरोपी लगातार कार्रवाई के बाद भी अपराधिक हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। 

जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण नेअपराधिक गतिविधियों के पर्याय पाराघाट सरपंच प्रदीप सोनी समेत पचपेढ़ी थाना क्षेत्र निवासी संदीप ऊर्फ राजू मथुकर को जिला बदर का आदेश दिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार संदीप मधुकर के खिलाफ पचपेढ़ी थाना में करीब आधा दर्जन से अधिक अपराध दर्ज है। गिरफ्तारी और अन्य प्रयास के बाद भी आरोपी अपनी अपराधिक गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा था। ना केवल जनता के लिए बल्कि शांति व्यवस्था में सबसे बड़ा दुश्मन है। पुलिस ने कई बार प्रतिवेदन पेश कर जिला बदल की मांग की है। सुनवाई के बाद जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण ने राजू मधुकर को जिला बदर किया है।

इसके अलावा जिला दण्डाधिकारी ने मस्तूरी क्षेत्र की जनता के लिए आतंक का पर्याय बन चुके पाराघाट सरपंच को भी छह महीने के लिए जिला से बाहर जाने को कहा है। पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बताया कि प्रदीप सोनी के खिलाफ एक दर्जन से अधिक अपराध थानों में दर्ज है। आरोपी क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों का सरगना है। लगातार अवैध गतिविधियों को संचालित करता है। मारपीट और जनता के हितों के खिलाफ एक दर्जन से अधिक अपराध दर्ज है। नशे के कारोबार में प्रदीप सोनी की भूमिका रही है। कोर्ट से छूटने के बाद आरोपी जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। जिला दण्डाधिकारी ने प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए जिला बदर का फरमान सुनाया है।

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आदेश में जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण ने दोनो आरोपियों को 24 घँटे के भीतर जिला की सीमा से बाहर जाने को कहा है। साथ ही बिलासपुर से लगे सीमावर्ती जिला जांजगीर चांपा,कोरबा, मुंगेली, गोरैला पेन्ड्रा मरवाही, कवर्धा की सीमाओं से भी दूर रहने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि आने वाले छह महीने के भीतर बिना कोर्ट आदेश के बिलासपुर प्रवेश वर्जित रहेगा।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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