प्रशिक्षु आरपीएस के 55वें बैच का दीक्षांत समारोह..एक्टिव पुलिसिंग से प्रदेश में गिरा अपराध का ग्राफ – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में राजस्थान पुलिस सेवा (प्रशिक्षु) के 55वें बैच के प्रशिक्षणार्थियों के दीक्षान्त परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैच के 76 प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत, लगन और कड़ी तपस्या से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है

जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि पुलिस में प्रशिक्षण से कानून की जानकारी के साथ ही आपसी संवाद, सहयोग और टीम भावना मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि यही बुनियादी प्रशिक्षण पुलिस के चरित्र और व्यक्तित्व को आकार देकर उन्हें एक आदर्श अधिकारी बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण और शान्ति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आगामी समय में इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

      श्री शर्मा शुक्रवार को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में राजस्थान पुलिस सेवा (प्रशिक्षु) के 55वें बैच के प्रशिक्षणार्थियों के दीक्षान्त परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैच के 76 प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत, लगन और कड़ी तपस्या से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। श्री शर्मा ने इस अवसर पर पुलिस कार्मिकों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान पुलिस अकादमी में नया प्रशिक्षण भवन बनाने की घोषणा की। इससे साइबर अपराध, आर्थिक मामलों से सम्बन्धित अपराध इत्यादि के सम्बन्ध में पुलिस को बेहतर प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।

महिला पुलिस अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत

      मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के लिए महिला सशक्तिकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राजस्थान पुलिस में महिलाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज के 76 प्रशिक्षु अधिकारियों में 20 महिला अधिकारी शामिल होना अत्यंत गर्व की बात है। महिला पुलिस अधिकारी से महिलाएं अपनी समस्याएं बेझिझक बताती हैं। ये महिला अधिकारी न केवल पुलिस बल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं।

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पारंपरिक पुलिसिंग के साथ ही पुलिस में बढ़े तकनीकी कुशलता

      श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान में अपराध का स्वरूप लगातार बदल रहा है। संगठित अपराध, साइबर अपराध और डिजिटल युग की नई-नई चुनौतियों से लड़ने के लिए पुलिस को निरंतर सजग, अपडेट और प्रशिक्षित रहना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ ही तकनीकी कुशलता, साइबर सिक्योरिटी की जानकारी और डिजिटल फॉरेंसिक की समझ भी महत्वपूर्ण है।

ईमानदारी पुलिस का सबसे शक्तिशाली हथियार

      मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के लिए ईमानदारी सबसे शक्तिशाली हथियार है। पुलिस को किसी भी तरह के दबाव में ना आकर सदैव धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए। उन्होंने पुलिस के लिए टीम वर्क पर जोर देते हुए कहा कि पुलिसिंग एक टीम का काम है। जब हम साथियों के साथ मिलकर काम करते हैं, तो हमारी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। आपसी भाईचारा और विश्वास से ही हम प्रत्येक चुनौती का आसानी से सामना कर सकते हैं।

कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम

      श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार गिर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक अपराधों में 19.45 प्रतिशत की कमी आई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विरूद्ध अत्याचार में 17.80 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति वर्ग पर अत्याचार के मामलों में 18.77 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि महिला अत्याचार के मामलों में भी 9.24 प्रतिशत की कमी आई है।

      पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस प्रदेश में कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रख न्याय व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नवीन चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर तकनीकी नवाचार, त्वरित अनुसंधान एवं कार्यकुशलता का उन्नयन किया जा रहा है।

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Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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