महर्षि महेश योगी के आध्यात्मिक योगदान को मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

रायपुर/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महर्षि महेश योगी की जयंती (12 जनवरी) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक एवं योगाचार्य थे, जिन्होंने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) के माध्यम से भारत की प्राचीन वैदिक चेतना को वैश्विक पहचान दिलाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि राजिम के समीप पांडुका ग्राम में जन्मे महर्षि महेश योगी ने भारतीय अध्यात्म को आधुनिक विज्ञान और वैश्विक संवाद से जोड़ते हुए मानव कल्याण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उनका संपूर्ण जीवन साधना, अनुशासन और मानवता की सेवा को समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि महेश योगी का यह संदेश कि  मनुष्य के भीतर असीम ऊर्जा, ज्ञान एवं संभावनाएँ निहित हैं, आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएँ आत्मबोध, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली के लिए समाज को निरंतर प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महर्षि महेश योगी द्वारा स्थापित संस्थाएँ, वैदिक विश्वविद्यालय, ध्यान केंद्र और आयुर्वेदिक परंपराएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनके विचारों से प्रेरित होकर विश्वभर में लाखों लोग मानवता, शांति और समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महर्षि महेश योगी की दिव्य शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को आत्मविकास, आंतरिक शांति और वैश्विक सद्भाव के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।

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Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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