CG NEWS:सज गया पटाखा बाज़ार,सुरक्षा के इंतज़ाम पर उठ रहे सवाल….!

CG NEWS:बिलासपुर (मनीष जायसवाल ) ।दीपावली के पहले शहर में सीएमडी कॉलेज ग्राउंड, मुंगेली नाका ग्रीनपार्क मैदान और रेल्वे परिक्षेत्र बुधवारी में तीन जगहों पर फटाका बाजार सज धज कर गुलजार हो गया है। इस बार भी जिला प्रशासन,नगर निगम और पुलिस प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अस्थाई फटाका बाजार लगाया गया है। वही शहर में कई स्थानों पर स्थाई पटाखे की होल सेल और रिटेल की दुकानें के साथ गोदाम भी दीपावली की शोभा बढ़ाने में सजे धजे हुए है..! लेकिन इन अस्थाई और स्थाई पटाखा दुकानों की आग से जान माल की सुरक्षा सहित जिले की सीमा के भीतर चल रहे कुछ अवैध फटाका दुकानों को लेकर जिला प्रशासन गंभीरता सवालों के दायरे में नज़र आ रही है।
सीएमडी कॉलेज ग्राउंड और मुंगेली नाका का फटाका बाजार आबादी की दृष्टि से सेंसेटिव जोन हो सकता है ।यहां पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से कोई इंतजामात नहीं है ।मौके पर सुरक्षा के लिहाज से रेत तक गायब है ।स्थानीय प्रशासन ने फटाका व्यापारियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है । यहां दमकल वाहन भी नहीं खड़ा है। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर क्विक रिस्पांस हो सके।
इस बार बिलासपुर का फटाका बाजार दो भागों में बट गया है । जिसमें एक सीएमडी कॉलेज ग्राउंड जिसमे 52 दुकानें लगी है । वहीं मुंगेली नाका ग्रीन पार्क मैदान में 45 दुकानें लगी है। इन दोनों जगह पर नगर निगम बिलासपुर ने सात हजार रुपए का व्यापार शुल्क तो वसूला है। लेकिन सुविधा के नाम सब कुछ नील बटे सन्नाटा है..। यहां के व्यापारियों का कहना है यहां सफाई भी नहीं हो रही है । निगम की ओर से रेत की व्यवस्था भी नहीं की गई है पानी का टैंकर तक नदारत है।

अस्थाई फटाका व्यापारियों से नगर निगम एक ओर सात हजार रुपए प्रति दुकान का व्यापार शुल्क का किराया ले रहा है। इसके बाद सीएमडी कॉलेज मैदान के लिए 3500 प्रति दुकान का किराया देना पड़ रहा है। वही शेड से बनी दुकान के लिए टेंट वाले को 5400 रुपए प्रति दुकान का भुगतान अलग कर रहे है। तो बिजली के लिए 1600 का भुगतान देना है। वही कई प्रकार के चिल्लर खर्चों के लिए संघ को अलग से पैसे देकर रखे हुए है। कुल मिलाकर अस्थाई फटाका बाजार पर खर्चों का भार बढ़ गया है। जिसका असर फटाखों की लागत बढ़ने की वजह से आम उपभोक्ताओं पर भार पड़ रहा है।
बीते दिनों मध्यप्रदेश के गुना के मारकी मऊ स्थित अस्थाई फटाका बाजार में शनिवार को अचानक से एक दुकान में आग लगी और पटाखे फूटने लगे। पटाखों की चिंगारी से आग एक के बाद एक 30 दुकानों तक पहुंच गई। और एक बड़ा हादसा हो गया। ठीक ऐसे ही बीते दिनों बिलासपुर शहर के भीड़ भाड़ वाले तोरवा के जगमल चौक पर पटाखा गोदाम में आग लग गई।फायर बिग्रेड के समय पर पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया ।एक बड़ी दुर्घटना टल गई ।गोदाम के पास में निजी बैंक का एटीएम और कई घर भी लगे हुए थे।
देखा जाए तो पटाखा गोदाम बनाने और दुकान खोलने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कड़े दिशा निर्देश हैं। पटाखा गोदाम को शहर से बाहर बनाना होता है। यहां तक की पटाखा दुकान के रिहायशी इलाके से अलग रखने के निर्देश होते है। लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था के जिम्मेदार लोगों के रुख से लगता है कि क्या वे अपनी आंखें बंद कर किसी घटना का इंतजार करते हैं ।
पटाखे फोड़ना ,फुलझडियां जलाना दीपावली का एक हिस्सा है। दीपावली खुशियों का त्यौहार है। इस त्यौहार के रंग को संजोए रखने की जिम्मेदारी भी स्थानीय प्रशासन की भी होती है। जगमल चौक की घटना के बाद से प्रशासन को चाक चौबंद होना था। गुना फ़टाका बाजार में हुए अग्नि काण्ड से सबक लेना था ।लेकिन व्यवस्था के जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारियां से कहीं ना कहीं बचते हुए नजर आ रहे हैं। औचक निरीक्षण वाले सिस्टम में सब कुछ राम भरोसे चल रहा है..।









