बिलासपुर की बेटी ने किया यूरोप फतह,,, माउंट एलब्रश पर लहराया तिरंगा,,, कलेक्टर को दिया सफलता का श्रेय
यूरोप की सबसे बड़ी चोटी पर बिलासपुर का कब्जा
बिलासपुर,,यूरोप की सबसे ऊँची चोटी पर बिलासपुर की बेटी ने तिरंगा लहराकर देशदुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। बिलासपुर लौटने पर माउंट एलब्रुश की ऊंचाई नापने वाली बेटी निशा यादव का कलेक्टर अवनीश शरण ने अपने चेंबर में स्वागत किया । मुलाकात के दौरान चैंपियन निशा यादव ने सहयोग के लिए धन्यवाद भी जाहिर किया है।
यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी फतह करने के बाद बिलासपुर की बेटी नगर पहुंची। निशा यादव ने कलेक्टर से मुलाकात कर माउंट एलब्रुश पर तिरंगा फहराने के अनुभव को साझा किया।
अपने कार्यालय में सौजन्य मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने निशा के अनुभवों को सुना और लोगो को प्रेरित करने वाला बताया। उन्होंने निशा को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी माउन्ट एलब्रुस की 5 हजार 642 मीटर ऊंचाई पर तिरंगा फहराने की बढ़ाई दी। शुभकामनाओ के साथ हौसला भी बढ़ाया। इस दौरान निशा ने कलेक्टर के प्रति आभार जाहिर करते हुए कहा कि सब कुछ आप के विशेष सहयोग से संभव हो पाया है।
कलेक्टर से मिलने के बाद निशा यादव ने बताया कि 13 जुलाई की रात में मिशन के लिए आगे बढ़ी। सुबह 9 बजे माउन्ट एलब्रुस को फतह करने का सौभाग्य हासिल हुआ। लगातार 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल हुई है। निशा ने जानकारी दी कि कलेक्टर अवनीश शरण की संवेदनशील पहल के चलते ही माउंट एलब्रुश पर तिरंगा फहराने का सपना साकार हुआ।
यूरोप जाने से पहले कलेक्टर से मिलकर मदद की गुहार लगाई थी। कलेक्टर ने बातों को गंभीरता से लेते हुए सीएसआर मद से आर्थिक मदद कर सपनो को साकार किया। शुभकामनाओं के साथ हौसला भी बढ़ाया। निशा ने बताया कि कलेक्टर के विशेष प्रयास से ही पर्वत विजय का संकल्प पूरा हो सका है। मेरे लिए गौरवशाली उपलब्धि है इसके लिए मै कलेक्टर महोदय की सदैव आभारी रहूंगी।
निशा यादव ने बताया कि पिता श्याम कार्तिक पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है। इसके पहले उसने उत्तराखंड स्थित नैनीताल की सबसे ऊँची नैनापिक चोटी को नापा। चोटी की ऊंचाई 8 हजार 522 फीट है। उत्तराखंड में केदारकंठ की 12 हजार 500 फीट को भी फतह किया। अरूणाचल प्रदेश में गोरीचेन ग्लेशियर 22 हजार 500 फीट और छत्तीसगढ़ के सबसे ऊँचे पर्वत गौरालाटा 900 मीटर पर भी तिरंगा फहराने का सौभाग्य हासिल हुआ।









