गिरफ्तार करो न्याय दो आंदोलन..बोले कांग्रेस नेता..नहीं सहेंगे आरक्षण कटौती अत्याचार…सरकार बताए क्या 50 प्रतिशत भी जुमला था
सिविल लाइन थाना में कांग्रेसी देंगे गिरफ्तारी

बिलासपुर…प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदेशा बिलासपुर जिला कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण में कटौती के विरोध का एलान किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि गिरफ़्तार करो या न्याय दो के साथ सभी कांग्रेस नेता ओबीसी समाज के साथ बुधवार को दोपहर 11 बजे कांग्रेस सिविल लाइन थाना पहुंचकर गिरफ्तारी देंगे। सरकार की गैर संवैधानिक कार्यों का विरोध करेंगे।
जिला कंग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार ने स्थानीय निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण से खिलवाड़ किया है। ओबीसी और एससी-एसटी के लिए सीटों के आरक्षण में भारी कटौती कर संविधान का माखौल उड़ाया है। कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि 15 जनवरी को थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया जाए। भाजपा सरकार ने पहले ओबीसी वर्ग को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का दावा किया। किए गए वादे के खिलाफ सरकार ने नगरीय निकाय और पंचायतों के आरक्षण के समय बड़ा घोटाला किया है। पचास प्रतिशत आरक्षण देने का वादा मोदी की गारंटी की तरह जुमला साबित हुआ है।
विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा कि बिलासपुर से तोखन साहू, अरुण साव और धरमलाल कौशिक भाजपा के दिग्गज नेता हैं। सभी नेता ओबीसी वर्ग से हैं। उन्हें बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के 33 जिला पंचायतों में अध्यक्ष पद पर ओबीसी को कितना आरक्षण दिया है। जिला पंचायत बिलासपुर में 17 के मुकाबले ओबीसी के लिए आरक्षित सिर्फ एक क्या कानूनी और संवैधानिक तौर पर न्यायसंगत है? जिले के 100 जनपद सदस्य की सीटों में 7 सीट और 486 ग्राम पंचायतों के सरपंच की सीटों में महज़ 35 सीटें क्या ओबीसी वर्ग की राजनीतिक भागीदारी के अधिकार को कुचलने की साज़िश नहीं हैं?
केशरवानी ने आगे कहा कि सिर्फ ओबीसी ही नहीं बल्कि एससी-एसटी वर्ग की सीटों पर भी गहरी साज़िश रच कर डाका डाला गया है। संविधान में स्पष्ट है कि एससी-एसटी वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाना चाहिए।
विजय और विजय ने बताया कि 15 जनवरी को जिला कांग्रेस ने आरक्षण के खिलाफ “गिरफ्तार करो या न्याय दों” आन्दोलन का एलान किया है। सभी ब्लाक कांग्रेस कमेटी को बैठक कर तैयारी पूरी करने का आदेश दिया गया। सभी ब्लॉक प्रमुखों को आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति रहने को कहा गया है।









