Bharatpur News- ACB की बड़ी कार्रवाई: 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सहायक अभियंता, घर की तलाशी में 43 लाख कैश और 20 किलो चांदी का जखीरा बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 43 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां बरामद की गईं. बरामद नकदी में 500-500 रुपये की 86 गड्डियां और 500 के 77 अलग नोट शामिल हैं. इसके अलावा हिंडौन में दो दुकानों, जयपुर के मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड के मकान और अन्य कई भू-संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं.

Bharatpur News।भरतपुर।जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति भुसावर के सहायक अभियंता (AEn) गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तारी के बाद जब एसीबी की टीम ने आरोपी अभियंता के आवास की तलाशी ली, तो वहां से बरामद हुए अकूत धन और संपत्तियों को देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए.
तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 43 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां बरामद की गईं. बरामद नकदी में 500-500 रुपये की 86 गड्डियां और 500 के 77 अलग नोट शामिल हैं. इसके अलावा हिंडौन में दो दुकानों, जयपुर के मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड के मकान और अन्य कई भू-संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं.
यह पूरा मामला संवेदक की माप पुस्तिका (Measurement Book) और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र का सत्यापन कर हस्ताक्षर करने की एवज में रिश्वत मांगने से जुड़ा है. सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद ने इसके लिए 30 हजार रुपये की मांग की थी।
जिसकी शिकायत मिलने पर एसीबी रेंज भरतपुर के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी अमित सिंह के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया था. पुलिस निरीक्षक महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से परिवादी को रिश्वत की रकम के साथ भेजा.
जैसे ही भुसावर स्थित पंचायत समिति कार्यालय में आरोपी ने पैसे लेकर अपने पास रखे, पहले से मुस्तैद एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया. आरोपी के हाथों से रिश्वत के नोट बरामद होने के बाद केमिकल टेस्ट पॉजिटिव पाया गया.
एसीबी की महानिरीक्षक (IG) एस. परिमला के मार्गदर्शन में आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि बरामद अकूत नकदी, चांदी और संपत्तियों के वास्तविक स्रोत क्या हैं तथा ये संपत्तियां किसके नाम पर खरीदी गई हैं.
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी अनुसंधान जारी है.









