महिला अधिवक्ता से मारपीट के आरोप में दो टोलकर्मी गिरफ्तार

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रणधीर मिश्रा ने बताया कि महिला अधिवक्ता आरती पांडेय ने राबर्ट्सगंज थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह रविवार को अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ कार से ओबरा जा रही थीं।

सोनभद्र /उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में टोल प्लाजा पर एक महिला अधिवक्ता, उनके परिजनों और रिश्तेदारों के साथ टोलकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रणधीर मिश्रा ने बताया कि महिला अधिवक्ता आरती पांडेय ने राबर्ट्सगंज थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह रविवार को अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ कार से ओबरा जा रही थीं।

शिकायत में कहा गया कि अपराह्न करीब तीन बजे जब वे ग्राम लोढ़ी स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वाहनों की कतार के कारण जाम की स्थिति थी, ऐसे में उनके जीजा नवीन सिंह टोलकर्मियों से जाम का कारण पूछने गए जिस पर कर्मचारियों ने उन्हें कथित तौर पर अपशब्द कहे व जान से मारने की धमकी दी।

महिला ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने नवीन के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।

शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे अवनीश दुबे को भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीटा, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें आईं।

आरती पांडेय ने पुलिस को बताया कि टोलकर्मियों ने उनके और उनके साथ यात्रा कर रहीं गरिमा सिंह के बाल पकड़कर खींचे तथा जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में दो नामजद और सात-आठ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि नामजद आरोपी हमीरपुर के भौली कुरारा निवासी रामजी तिवारी व आंबेडकर नगर जिले के करमिशीपुर निवासी सर्वेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इस बीच कांग्रेस ने “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “वकील आरती पांडेय अपने परिवार के साथ कार से जा रही थीं। टोल प्लाजा पर भारी जाम था और उनकी गाड़ी करीब 10-15 मिनट तक वहां फंसी रही।”

कांग्रेस ने कहा, “जब उनकी बारी आई, तो उन्होंने देरी होने का कारण पूछा और नियम के मुताबिक, देरी होने पर निशुल्क जाने देने की बात कही। इसी बात पर बहस शुरू हो गई। टोलकर्मी आपे से बाहर हो गए और देखते ही देखते वहां 15 से 20 लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए।”

कांग्रेस ने कहा कि आरती पांडेय, उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों को गाड़ी से खींच कर सड़क पर गिरा-गिराकर पीटा।

पोस्ट के मुताबिक, “भाजपा सरकार में नियम-कानून की बात करोगे तो लाठी मिलेगी, और इंसाफ मांगोगे तो जेल। योगी जी की सरकार में जनता सिर्फ टैक्स देने के लिए है, मुंह खोलने के लिए नहीं। अगर रसूखदारों से सवाल किया, तो सड़क पर गिराकर पीटे जाओगे।”

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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