फेडरेशन ने किया जंग का एलान…4 सूत्रीय मांग को लेकर 27 को सड़क पर उतरेंगे कर्मचारी…कहा..सरकार लागू करें मोदी गारंटी

फेडरेशन के बैनर तले लाखों कर्मचारियों की जंग

बिलासपुर—फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश के बड़े से लेकर छोटे कर्मचारियों ने एक दिवसीय जंग का एलान किया है। फेडरेशन नेता बीबी सोनी ने कहा कि 27 सितम्बर को प्रदेश के सभी कर्मचारी चार सूत्रीय मांग को लेकर सड़क उतरेंगे। कलम बन्द हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारी प्रदेश सरकार से मोदी गारंटी लागू करवाने का दबाव बनाएंगे। इस दौरान कोई भी कर्मचारी कार्यालय का बहिष्कार करेगा।  

कर्मचारी फेडरेशन के नेता बीपी सोनी ने बताया कि 27 सितम्बर को बिलासपुर समेत प्रदेश के सभी कर्मचारी और अधिकारी चार सूत्रीय मांग को लेकर एक साथ ह़ड़ताल पर रहेंगे। कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं रहेगा। सड़क पर उतरकर चुनाव के पहले किये गए वादे को लागू कराने अपनी मांग को बुलन्द करेगा। बीपी सोनी ने बताया कि चुनाव से पहले भाजपा नेताओं ने वादा किया था कि सरकार बनते ही 100 दिनों के भीतर मोदी गारंटी लागू करेंगे। कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा करेंगे। आज सरकार को बने करीब 10 महीने से अधिक हो गये हैं। बावजूद इसके कई बार प्रयास और दबाव बनाए जाने पर सरकार ने किये गए वादों को नहीं निभाया है।

फेडरेशन नेता सोनी ने बताया कि चुनाव के पहले सरकार ने वादा किया था कि राज्य कर्मचारियों को केन्द्र के बराबर महंगाई भत्ता देगी। केन्द्र सरकार अपने कर्मचारियों को 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता देती है। लेकिन राज्य सरकार 40 प्रतिशत। दोनों को बराबर किया जाएगा। सरकार ने वादा किया था कि साल 2019 से सितम्बर 2021 के बीच के बीच महंगाई भत्ता की अन्तरण राशि को सौ दिनों में भुगतान किया जाएगा।

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सोनी ने वित्तीय दबाव के सवाल पर बताया कि सरकार जब साल 2015 के पहले का बोनस राशि का भुगतान कर सकती है। तो क्या सरकार कर्मचारियों को साल 19-21 के अन्तरण राशि का भुगतान नहीं कर सकती है।

   फेडरेशन नेता ने बताया कि सरकार ने कहा था कि रिटायरमेन्ट के बाद राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय और मध्यप्रदेश कर्मचारियों की तरह 300 दिनों का सेवा प्रतिफल राशि भुगतान दिया जाएगा। जबकि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को 240 दिनों का भुगतान करती है। यह जानते हुए भी हमारे यहां का सिस्टम पुूरी तरह से मध्यप्रदेश की तरह ही है। सरकार ने वादा किया था कि गृहभाड़ा भत्ता की समस्या का भी निराकरण किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश कर्मचारियों को सात प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता प्राप्त है। जबकि न्यूनतम गृहभाड़ा भत्ता 25 का प्रावधान है।

 

फेडरेशन नेता ने कहा कि यदि हमारी मांग को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। तो हम जल्द ही रणनीति तैयार कर आगामी उग्र और कारगर कदम उठाने को तैयार है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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