व्याख्याता पदोन्नति में डीएड प्रशिक्षित को भी मिले पात्रता, संयुक्त शिक्षक संघ ने नियम बनाने की मांग की

Promotion News।रायपुर। वर्षों से बहुप्रतिक्षित और लंबित व्याख्याता पद पर पदोन्नति की कार्यवाही को डीपीआई द्वारा आगे बढ़ाते हुए बीएड योग्यताधारी शिक्षकों का प्रस्ताव मांगा गया है। इसमें डीएड योग्यताधारी को अपात्र बताया गया है। व्याख्याता पदोन्नति में आज तक लगातार बीएड या डीएड अर्थात प्रशिक्षित को मानकर पदोन्नति किया जाता रहा है।

मामले में माननीय न्यायालय के निर्देश पर जरूर बीएड को पात्र माना गया है, लेकिन सरकार के पास नियम बनाने और बदलाव करने की शक्तियां होता हैं।

जो इस दिशा में नियम बना सकती है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने कहा है कि व्याख्याता की पदोन्नति कई वर्षों से लंबित है।

शिक्षक 10 से 20 वर्षों से शिक्षक के रूप में काम कर रहे है और पात्र होते हुए भी पदोन्नति से वंचित है।

बहुत सारे शिक्षक 5 वर्ष में सेवानिवृत हो जाएंगे, जिनको बीएड करने का अवसर भी नहीं मिल पाएगा। क्योंकि अचानक बीएड को ही पात्र होने का नियम जोड़ा गया है। जिस समय से पदोन्नति रुका है उस समय को भी मानक मानकर भूतलक्षी प्रभाव से तब प्रचलित नियम के तहत पदोन्नति किया जा सकता हैं।

डीएड को अपात्र करने से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं जो विगत लंबे समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे थे। यह लाखों शिक्षकों से जुड़ा हुआ जन कल्याण का मामला है। संघ सरकार से मांग सहित अपेक्षा करता है कि इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल नियम बनाकर बीएड एवं डीएड प्रशिक्षित को पात्र मानकर पदोन्नति किया जाए। इस मामले में संघ गंभीर है।

CG NEWS::दक्षिण विधानसभा उपचुनावः क्या 35 साल के आकाश शर्मा तोड़ पाएंगे 34 साल पुराना रिकॉर्ड... ?

सरकार यदि इसे गंभीरता से लेकर जल्द उचित कार्रवाई नहीं करती है तो निश्चित ही छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के द्वारा जल्द तिथि तय कर एक अल्टीमेटम ज्ञापन का कार्यक्रम मंत्रालय स्तर पर किया जाएगा।

जिसमें संघ के सभी पदाधिकारी एवं प्रभावित शिक्षक शामिल होंगे। और उसके बाद योजना बनाकर मांग को पूरा करने के लिए प्रभावशाली आंदोलन खडा किया जाएगा। यह जानकारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित दुबे द्वारा प्रदान किया गया।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *