CG NEWS:शिक्षक आंदोलन 24 अक्टूबरःक्यों बन रही है उहापोह की स्थिति… ? क्यों है वेतन कटौती का डर …. ?

CG NEWS:बिलासपुर: (मनीष जायसवाल) । प्रदेश के एलबी शिक्षक वर्ग के सिर्फ चार प्रमुख संघों ने एक होकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है । मोर्चा के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में 24 अक्टूबर को प्रदेश के शिक्षक एलबी संवर्ग सामूहिक अवकाश लेकर अपने जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन – रैली निकाल कर पूरे प्रदेश में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंने वाले है .! जिसके लिए 24 अक्टूबर को शिक्षक सामूहिक अवकाश का ज्ञापन अपने अपने स्थानीय कार्यालय में देने के लिए जोर-शोर से जुटे हुए हैं..! लेकिन दूसरी तरफ़ स्कूल शिक्षा विभाग के व्यवस्था के जिम्मेदार लोग शिक्षकों को एक दिन के वेतन की कटौती के लाभ हानि के गणित का पहाड़ा भी सुना सकते हैं।
एक दिन के वेतन की हानि के गणित की ऐसी स्थिति तब बन सकती है, जब 24 अक्टूबर की हड़ताल के लिए आफ लाइन आवेदन किया गया हो ..! चूंकि प्रदेश में शिक्षकों को अवकाश लेने के लिए अभी आन लाइन अवकाश आवेदन देने की व्यवस्था है। आफ लाइन अवकाश के लिए कोई लिखित आदेश अब तक समाने नही आया है।वही हड़ताल के लिए शिक्षक अभी आफ लाइन आवेदन कर रहे है। एक दिन की छुट्टी मतलब आकस्मिक अवकाश यानी आन लाइन आवेदन देना जरूरी है।
हालांकि किसी भी हड़ताल में जाने के पहले संघ संगठनों की ओर से पहले से सूचना दी जाती रही है। शिक्षक जो भी किसी हड़ताल या आंदोलन में शामिल होते रहे हैं उसकी ऑफलाइन ही आवेदन अपने संस्था प्रमुख को देते रहे है। लेकिन वह समय और था तब अवकाश की ऑफ लाइन व्यवस्था ही थी। ऐसे में यदि इस बार शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए और ऑनलाइन आकस्मिक अवकाश का आवेदन नहीं किए और वह आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है तब की स्थिति में ऑफलाइन आवेदन देने के बाद शाला में अनुपस्थित रहने पर एक दिन की वेतन की कटौती भी हो सकती है।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से तो ऑनलाइन अवकाश आवेदन की व्यवस्था चल रही है वहीं मौखिक रूप से रायपुर में शिक्षक संघों को कहा गया था कि ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार होंगे। लेकिन इसको लेकर कोई स्पष्ट आदेश फिलहाल सामने नहीं आया है। ऐसे में अधिकारी ऑन लाइन अवकाश आवेदन को ही मान रहे हैं। यदि स्कूल शिक्षा विभाग ने हड़ताल में शामिल ऑफलाइन आवेदन करने वाले हड़तालयीन पर कलम चला दी तब की स्थिति में एक दिन अवैतनिक होने की स्थिति भी बनती हुई दिखाई दे सकती है।
हालांकि इस विषय पर हमने स्कूल शिक्षा विभाग की संचालक दिव्या मिश्रा से बात करने की कोशिश की पर नहीं हो पाई..। वही प्रदेश के कुछ संभागीय संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग से बातचीत की कोशिश की पर कोई ठोस जवाब नहीं मिल पाया।
चूंकि मामला राज्य स्तर का है इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों की राय अलग अलग हो सकती है इस वजह से उनसे चर्चा का कोई सार निकलता हुआ दिखाई नहीं दिया । कुल मिला कर शिक्षक मोर्चा के 24 अक्टूबर के सामूहिक अवकाश के ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन को लेकर भ्रम की स्थिति बरकरार सी दिखाई देती है।
यहां एक बात तय है कि शिक्षकों ने जो पाया है अपने संघर्षों से पाया है …। आंदोलनों के दौरान सरकारे डाल डाल तो शिक्षक पात पात रहे है। समस्या का समाधान इनके पास निकल ही आता है।मालूम हो कि शिक्षक संघर्ष मोर्चा अपनी प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा की गणना करते हुए शिक्षकों के क्रमोन्नति, वेतन विसंगति, पदोन्नति, प्रथम नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन, (20 वर्ष की सेवा में पूर्ण पेंशन की मांग पूरी होगी, ) लंबित मँहगाई भत्ता व देय तिथि से मंहगाई भत्ता के एरियर्स राशि की मांग को लेकर 24 अक्टूबर को एक दिन की हड़ताल में जाने वाला है।









