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Bikaner News-इंस्टाग्राम की झूठी दोस्ती बनी जाल: बीकानेर में नाबालिग के फोटो वायरल कर युवक ने की ब्लैकमेलिंग, FIR दर्ज

जानकारी के अनुसार, नाबालिग बीकानेर जिले के एक गांव में रहती है और कुछ महीनों से इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान गांव के एक युवक से हुई। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद युवक ने नाबालिग से अनुचित फोटो भेजने की मांग शुरू कर दी। मना करने पर उसने लड़की को धमकाना शुरू कर दिया।

Bikaner News-राजस्थान के बीकानेर जिले में सोशल मीडिया की दोस्ती एक नाबालिग लड़की के लिए अभिशाप बन गई। इंस्टाग्राम पर गांव के ही एक युवक से हुई परिचय और बातचीत धीरे–धीरे ब्लैकमेल तथा उत्पीड़न में बदल गई।

लड़की द्वारा गलत काम करने से साफ इनकार करने पर आरोपी ने उसके निजी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए, जिससे नाबालिग और उसके परिवार की परेशानी बढ़ गई। पीड़िता की शिकायत पर श्री डूंगरगढ़ थाने में आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के अनुसार, नाबालिग बीकानेर जिले के एक गांव में रहती है और कुछ महीनों से इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान गांव के एक युवक से हुई। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद युवक ने नाबालिग से अनुचित फोटो भेजने की मांग शुरू कर दी। मना करने पर उसने लड़की को धमकाना शुरू कर दिया।

आरोपी ने चेतावनी दी कि यदि वह उसकी मांगें नहीं मानेगी, तो वह उसके निजी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।

पीड़िता ने बार–बार इनकार किया, जिसके बाद आरोपी ने धमकी को अंजाम देते हुए उसके फोटो इंस्टाग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिए।

इससे नाबालिग मानसिक तनाव में आ गई और परिवार पर भी सामाजिक दबाव बढ़ने लगा। पीड़िता ने साहस जुटाकर पूरी घटना परिवार को बताई, जिसके बाद परिजन तुरंत पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ ब्लैकमेल, धमकी, नाबालिग के उत्पीड़न और अश्लील सामग्री प्रसारित करने सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है और प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए नोटिस भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग की पहचान हर हाल में गोपनीय रखी जाएगी और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना बताती है कि नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग में सतर्कता कितनी जरूरी है। परिवारों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध या धमकीपूर्ण स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। राजस्थान में पिछले एक वर्ष में सोशल मीडिया से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें नाबालिगों के उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग की घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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