पीएम आवास में कमीशन का खेल उजागर..प्रति हितग्राही से सरपंच पति ने लिया 5000…चाइस संचालक ने खोल दिया पोल
जांच टीम को मिला कमीशनखोरी का प्रमाण

बिलासपुर—राज्य और केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजना पीएम आवास में सोन सरपंच और सरपंच पति ने मिलकर कमीशन की सेंधमारी कर दिया है। एक दिन पहले जानकारी के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने तत्काल जांच का आदेश दिया है। जांच तीन सदस्यी जांच टीम ने कमीशनखोरी की शिकायत पर सच का मुहर लगा दिया है। चाइस संचालक समेत कई हितग्राहियों ने कबूल किया है कि सरपंच श्यामलता कैवर्त और सरपचं पति अशोक कैवर्त ने कमीशन खोरी किया है। कई हितग्राहिओं ने आनलाइन तो कई ने नगद भुगतान किया है। मामले में मस्तूरी एसडीएम ने कुछ बताने से इंकार करत हुए रिपोर्ट कलेक्टर के हवाले किये जाने की बात कही है।
कलेक्टर से कमीशखोरी का आदेश
ॉ
जानकारी देते चलें कि एक दिन पहले ग्राम पंचायत सोन गांव के प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सरपंच और सरपंच पति पर कमीशन खोरी करने का आरोप लगाया था। हितग्राहियों ने बताया कि सोन गांव निवासी प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से प्रत्येक 20000 हजार ट्रांजेक्शन में 5 हजार कमीशन लिया जा रहा है। किसी से आनलाइन तो किसी से नगद से नगद भुगतान करवाया जा रहा है।
कलेक्टर से लिखित शिकायत में हितग्राहियों ने बताया कि सरपंच और सरपंच पति के इशारे पर चाइस सेन्टर संचालक को नगद भुगतान करते हैं। इसके बाद संचालक सरपंच के खाते में रूपया डालता है। इसके अलावा संचालक के कहने पर उसका कर्मचारी नगद की वसूली करता है।
तीन सदस्यी जांट का गठन
खबर सामने आने के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने तत्काल एसडीएम मस्तूरी को टीम बनाकर जांच का आदेश दिया। एसडीएम के आदेश पर बिल्हा और मस्तूरी सीईओ समेत तहसीलदार की टीम को जांच कर दो बजे तक रिपोर्ट पेश करने को कहा। तीन सदस्यी टीम मौके पर पहुंच कर हितग्राहियों से संवाद किया। साथ ही चाइस संचालक के कम्प्यूटर को खंगाला और बयान लिया।
चाइस संचालक ने बताया कि एक दिन पहले सात लोगों से पांच हजार की दर से वसूली कर 36500 रूपया सरपंच पति के खाते में भेजा है। रूपया देने वाले का नाम भी बताया है। संचालक ने टीम को बताया कि ज्यादातर लोग उसके आदमी को नगदी देते है। सारा रूपया सरपंच पति को दे दिया जाता है।
रिपोर्ट कलेक्टर को देंगे
मामले में एसडीएम मस्तूरी अमित सिन्हा ने बताया कि रिपोर्ट मिल चुकी है। जल्द ही कलेक्टर के हवाले करेंगे। इसके बाद जो भी उचित होगा..कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई होगी। फिलहाल इससे ज्यादा उन्हैें कुछ कहना नहीं है। और अधिक जानकारी भी नहीं है। बताते चलें कि तीन दिन पहले बिलासपुर प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने बातचीत के दौरान कहा था कि यदि प्रधानमंत्री आवास में किसी प्रकार की बदमाशी होती है तो तत्काल फोन पर जानकारी दें। गलत करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा।
फिर भी हो गयी गंदगी
मंत्री के खख्त आदेश के बाद भी भयंकर साहसी सोन सरपंच और पति ने गंदगी कर खुली चुनौती पेश कर दिया है। जानकारी देते चलें कि क्षेत्र में कुल 226 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास अलाट किया गया है। सरपंच प्रत्येक लोगों 20 हजार के ट्रांजेक्शन में 5 हजार कमीशन लेता है। देखने वाली बात होगी कि अब रिपोर्ट मिलने के बाद गलत काम के खिलाफ हमेैशा सख्त कदम उठाने वाले कलेक्टर अवनीश शरण अब कितना सख्त कदम उठाते हैं।
जांच के पहले घर घर पहुंचाया 5 हजार
सूत्र ने बताया कि कलेक्टर की तरफ से जांच आदेश की जानकारी के बाद सरपंच पति ने कई हितग्राहियों को घर पहुंचकर पांच हजार रूपया लौटाया। साथ ही धमकाया कि यदि किसी ने मुंह खोला तो उसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सरकार ऐसे लोगों को जेल भेज देगी। यही कारण है कि जांच टीम के सामने कई लोगों ने मुूंह ही नहीं खोला। लेकिन जांच अधिकारियों को समझने में देर नहीं लगी।
जांच के बाद मनाया गया जश्न
सूत्र ने बताया कि जांच टीम में एक अधिकारी से सरपंच पति ने मिलने का प्रयास किया है। कितना सफल हुआ इसकी जानकारी सामने नहीं आयी है। लेकिन जांच टीम के लोटने के बाद सरपंच और उसके समर्तकों ने जमकर दारू जश्न मनाया है। इस दौरान सरपंच ने बताया कि अब कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। उपर तक सेटिंग हो गयी है।



