2026 को घोषित किया गया कृषि आधारित उद्योग वर्ष, सीएम ने सरपंचों को दी जानकारी

2026 को घोषित किया गया कृषि आधारित उद्योग वर्ष, सीएम ने सरपंचों को दी जानकारी

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में पंचायतों को जितनी शक्ति है, वह बड़े पदधारकों के पास भी नहीं है और प्रत्येक सरपंच अपनी पंचायत के लिए बड़ा योगदान दे सकता है।

मुख्यमंत्री ने पंचायतों के लिए कई घोषणाएं कीं। इसमें प्रत्येक पंचायत के लिए 50,000 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा और कृषि उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेजों की स्थापना भी तेजी से की गई है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने हर गांव के अंदर शांति धाम के निर्माण के लिए भी आवश्यक राशि देने का आश्वासन दिया।

भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरपंचों के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सरपंच सम्मेलन का आयोजन हुआ। सीएम ने कहा कि एक बात समझ लो कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव इनकी क्या औकात?

आपको लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही है और सरकार ने कोई निर्णय किया है तो उसे ठीक करने का काम हमारा है। जब भी सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होगा तो उसके क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी तो उसे हल करने का काम सरकार का है।

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सीएम ने कहा कि इतना बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी ने 10-11 सालों में न जाने कितनी चीजों की चिंता की। इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमको भरोसा है। जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो ये कहां लगेंगे जो भी होंगे सब ठिकाने लगेंगे। ये देश को पूरा भरोसा है।

दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए रखा मौन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखवाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कल की घटना को भूलना नहीं है।

हमारे देश की प्रगति और बढ़ने वाले कदम दुनिया में अलग प्रकार से निकल रहे हैं। ऐसे में दुश्मन भी पता नहीं, कितने प्रकार से प्रयास करते हैं। इस मामले में गृह मंत्री जी पूरी जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए बम धमाकों में दिवंगतों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है और देश की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

आपके पास जो पावर वो बडे़ पद वालों को भी नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके जो विषय आए हैं उनके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। जब सरपंच के सामने बैठेंगे तो सचिव, रोजगार सहायक को भी आना ही चाहिए,इनके बिना बात थोड़े बनती है।

त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में जो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हमको दिखते हैं। आपको जो पावर हैं वो पावर तो बडे़-बडे़ पद वालों को भी नहीं हैं। एक सरपंच जो कर सकता है वो कोई नहीं कर सकता।

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एक पंचायत के हर घर की गिनती पंचायत और सरपंच के पास रहती है। हमारे इतने बडे़ प्रदेश में बड़ी आबादी गांवों में रहती है अगर प्रदेश की तस्वीर, तकदीर बदलने का काम आपके बिना नहीं हो सकता।

24 नवंबर को होगी त्रिस्तरीय पंचायतों की कॉन्फ्रेंस सीएम ने कहा- पिछले बार 23-24 और 25 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत के अधिकारियों का कार्यक्रम हुआ था। इस बार 24-25 और 26 नवंबर को भोपाल में कॉन्फ्रेंस होने वाली है। उसमें कुछ बातें मैं भी जोड़ना चाहता हूं। जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है तो पंचायत और आसपास लगी नगरीय निकाय के बीच कई बार टकराव होता है।

जब नगरीय निकाय होता है उनके पास पार्षद, सीएमओ होते हैं बहुत सारी चीजें होती हैं। पंचायत में सचिव और सहायक सचिव ही होते हैं। ऐसा कोई समाधान निकले की हमारी पंचायत भी जिंदा रहे और वो विकास का काम भी बंद न हो। इसका मैकेनिज्म बनाने की जरूरत है।

पंचायतें नया गांव बसाएं, सरकार साथ है सीएम ने कहा- विदिशा में उदाहरण है कि आवासीय व्यवस्था में खुद की प्लानिंग से नया गांव बसाया। इसमें क्या परेशानी है उन कामों को भी किया जा सकता है।

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