
Bilaspur: नगर निगम और स्मार्ट सिटी की तीन बड़ी कार्रवाई
Cg news।बिलासपुर-नगर पालिक निगम और स्मार्ट सिटी ने बड़ा एक्शन लिया है। लेटलतीफ और कदाचरण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में ब्लैक लिस्टिंग,पेनाल्टी और बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
पहला मामला स्मार्ट सिटी परियोजना का है जिसमें राजीव गांधी चौक से तैयबा चौक तक स्टार्म वाॅटर ड्रेन और दिव्यांग फ्रेंडली फूटपाथ का निर्माण किया गया है,उक्त कार्य का ठेका कमल सिंह ठाकुर को मिला था।
शर्तों के अनुसार कार्य के लिए एपीएस और पीवीजी के मूल एफडीआर जमा करना था पर उसके स्थान पर डुप्लीकेट फोटोकापी ठेकेदार द्वारा जमा किया गया था, जांच में यह बात सिद्ध हुआ।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन द्वारा जांच में यह तथ्य पाए जाने पर पूर्व में ही ठेकेदार के भुगतान से 16 लाख 50 हजार रूपये पेनाल्टी के रूप में काटा गया था और कार्य के आरएफपी में उल्लिखित कंडिका के अनुसार दोषी पाए जाने पर आज ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करते हुए आगामी पांच साल के लिए सभी प्रकार की निविदाओं में भाग लेने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
दूसरा मामला अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन प्रोजेक्ट का है,जिसमें इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक नदी की दोनों ओर नाला,सड़क और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है।
उक्त कार्य को गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में नदी की दांयी ओर इंदिरा सेतु से पुराना पुल तक बस प्रथम चरण को पूर्ण किया गया है। ठेका कंपनी को शेष कार्य तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश देने के बावजूद कार्य धीमी गति से संचालित किया जा रहा है,कार्य में प्रगति नहीं लाने पर आज एमडी श्री अमित कुमार के निर्देश पर ठेका कंपनी गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 37 लाख 50 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया गया है।
इसी तरह शहर में अंडरग्राउंड सीवेज प्रोजेक्ट का कार्य करने वाले सिंप्लेक्स कंपनी को कार्य में प्रगति लाने कई बार नोटिस जारी किया गया परंतु संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर 10 फरवरी को अंतिम नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस का किसी भी प्रकार का जवाब नहीं मिलने पर निगम कमिश्नर के निर्देश पर सिंप्लेक्स कंपनी को बर्खास्त करते हुए कंपनी के बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपाॅजिट के रूप में जमा 30 करोड़ रूपये को राजसात किया गया है।