कोरोना से भी भयावह थी..विभाजन की विभिषिका…पांच लाख लोगों की गयी जान…कभी ना आए वह दिन..आज भी सिहर जाता हूं…
विभाजन की विभिषिका...फिर कभी,किसी को नहीं करना पड़े सामना

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बिलासपुर—-केन्द्रीय सूचना मंत्रालय के दिशा निर्देश पर चिंगराजपारा स्थित स्थित स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय में आजादी के संघर्ष को लेकर तीन दिवसीय चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका को याद किया गया। दास्तान को देखने और सुनने के बाद लोगों की आंखें नम नजर आयी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो प्रादेशिक कार्यालय रायपुर के दिशा निर्देश पर नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय चिंगराजपारा में तीन दिवसीय मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से नगर के ऐसे परिवार के लोगों को चिन्हित कर आमंत्रित किया गया। जिन्होंने विभाजन की त्रासदी को नंगी आंखों से देखा है।
प्रदर्शनी में शिरकत कर रहे सरदार मंजीत सिंह अरोरा और नानकराम मखीजा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभाग ने शाल, श्रीफल और स्मृतिचिह्न से दोनो गणमान्य को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के प्रादेशिक प्रमुख शैलेष फाये ने बताया कि भारत सरकार का हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन की विभिषिका दिवस मनाये जाने का निर्णय स्वागत करने वाला है।
फाये ने बताया कि भारत की स्वतंत्रता आसान नहीं थी। देशवासियों को भीषण सांप्रदायिक हिंसा का सामना करना पड़ा। 5 लाख से अधिक लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। इस विभिषिका का बयान नामुमकिन है। सोचकर ही आंख भर आते हैं। मैंने देखा कि वास्तविक चित्रों को संग्रहित कर 52 पैनलों में संजोकर चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। इससे विद्यार्थी और आम जनमानस स्वतंत्रता के मूल्य को समझेंगे।
दर्द भरी त्रासदी को याद करते हुए सरदार मंजीत सिंह अरोरा ने कहा कि विभाजन की विभिषिका कोरोना काल से भी ज्यादा भयावह थी। नानक राम मखीजा ने बताया कि जब विभाजन हुआ तो.. वह 2 साल के थे। अपने परिवार के साथ वहां खेती बाड़ी घर परिवार सब छोड़कर भारत आए। त ही संघर्षों के बाद उनका परिवार आज मजबूत स्थिति में पहुंचा है।
माखिजा ने तत्कालीन समय को याद करते हुए प्रार्थना की कि ऐसा दौर दोबारा कभी ना देखना पड़े। कार्यक्रम को पार्षद राम प्रकाश साहू ने भी संबोधित किया। उन्होने कहा चित्रों के माध्यम से छात्रों को इतिहास जानने में मदद मिलेगी। स्वतंत्रता का अभिप्राय भली भांति समझ सकेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय की प्राचार्य अंजना संजय मसीह ने बताया बहुत ही अनोखा आयोजन है। हमारे विद्यार्थियों, आम लोगों को आजादी के समय त्रासदी की जानकारी से आजादी के महत्व को जानने समझने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में रंगोली ,चित्रकला , भाषण और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं और प्रश्न मंच का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग,डाक विभाग ने स्टाल लगाकर लोगों के बीच शासन की योजनाओं को साझा किया।अतिथियों ने विद्यालय की 9वीं कक्षा की 100 छात्रों को निःशुल्क सायकिल वितरण किया गया।









