rajasthan news- शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर साइबर ठगी का खतरा, पुलिस ने जारी किया परामर्श
पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि ठग मुख्य रूप से तीन तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहला, ‘मैरेज.एपीके’ नाम की फाइल भेजी जाती है, जिसे इंस्टॉल करते ही फोन का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है और वे ओटीपी सहित संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं।

rajasthan news-जयपुर/ शादी के सीजन के दौरान साइबर ठग अब डिजिटल निमंत्रण पत्र के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने इस संबंध में परामर्श जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी परामर्श में बताया गया है कि जालसाज व्हाट्सऐप के जरिए ‘वेडिंग इनवाइट’ के नाम पर खतरनाक लिंक और ‘एपीके’ फाइल भेज रहे हैं, जो मोबाइल फोन में पहुंचते ही निजी जानकारी चुरा सकते हैं और बैंक खातों तक पहुंच बना सकते हैं।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि ठग मुख्य रूप से तीन तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहला, ‘मैरेज.एपीके’ नाम की फाइल भेजी जाती है, जिसे इंस्टॉल करते ही फोन का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है और वे ओटीपी सहित संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं।
दूसरे तरीके में ‘वेडिंग इनवाइट’ के नाम पर एक वेब लिंक भेजा जाता है, जिसे खोलने पर एक पेज खुलता है जो मोबाइल नंबर और बैंक संबंधी जानकारी मांगता है या फिर गुप्त रूप से हानिकारक सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर देता है।
तीसरे तरीके में ठग किसी परिचित का सोशल मीडिया या मैसेजिंग अकाउंट हैक कर उसी के नाम से संदेश भेजते हैं, जैसे ‘शादी का कार्ड भेजा है, वेन्यू देखकर बताएं’। परिचित का नाम देखकर लोग बिना जांचे-परखे लिंक खोल देते हैं।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी फाइल के अंत में ‘.एपीके’ लिखा हो तो उसे इंस्टॉल न करें, क्योंकि यह वायरस हो सकता है। साथ ही, फोन में ‘गूगल प्ले प्रोटेक्ट’ को सक्रिय रखें, किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें और संबंधित व्यक्ति से पुष्टि अवश्य करें।
पुलिस ने कहा कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।









