डिजिटल अरेस्ट कर वृद्धा से 3 करोड़ की ठगी, जयपुर से एक और शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

इस घटना में 63 लाख रुपये आरोपी विपुल नागर के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

नोएडा। नोएडा के साइबर थाना पुलिस ने एक वृद्ध महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाले मामले में एक और शातिर साइबर अपराधी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है।

इस मामले में साइबर पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अज्ञात फोन नंबर द्वारा पीड़िता के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर उन्हें बताया गया था कि उनके आधार कार्ड का उपयोग करते हुए बैंक खाते खोले गए, जिनका प्रयोग जुआ व अवैध हथियार की खरीद करने में किया गया है।

साइबर अपराधियों ने पीड़िता को गिरफ्तारी का भय दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3,29,70,000 रुपए की धोखाधड़ी की थी, जिसके संबंध में पीड़िता ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद उनकी शिकायत के आधार पर 30 जून को थाना साइबर क्राइम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

साइबर पुलिस ने 16 जुलाई को जांच के आधार पर कार्यवाही करते हुए पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर 3,29,70,000 रुपए की धोखाधड़ी करने वाले 1 शातिर साइबर अपराधी विपुल नागर (बेनिफिशियरी खाताधारक) को जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इस मामले में 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस पूछताछ में विपुल नागर (बेनिफिशियरी खाताधारक) ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते को सह आरोपी अजीत को दे दिया था, जिस पर धोखाधड़ी से मिली धनराशि प्राप्त की जाती थी, जिसका कमीशन आरोपी विपुल नागर को प्राप्त होता था।

इस घटना में 63 लाख रुपये आरोपी विपुल नागर के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

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Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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