
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने किया डाइट में आयोजित अटल टिंकरिंक लैब प्रशिक्षण व चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रशिक्षकों की कार्यशाला का पर्यवेक्षण
चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित डाइट में आयोजित अटल टिंकरिंक लैब प्रशिक्षण व चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रशिक्षकों की कार्यशाला का पर्यवेक्षण किया और अटल टिंकरिंक लैब के बेहतरीन उपयोग के निर्देश दिए।
कार्यशाला में जिला कलक्टर सुराणा ने कहा कि बच्चों में नई चीजें सीखने के लिए जिज्ञासा पैदा करें और वैज्ञानिक सोच से सुदृढ़ भविष्य के लिए उन्हें तैयार करें। वर्तमान के वैज्ञानिक युग में तकनीकी व नवाचारी सोच से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य की रूपरेखा निर्धारण के लिए शिक्षित करें।
उन्होंने कहा कि अटल टिंकरिंक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच को विकसित करने का माध्यम हैं। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रयोगशालाएं केवल सजावटी ढांचे न बनें, बल्कि उनका प्रभावी और सतत उपयोग हो।
उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि लैब के संसाधनों का पूर्ण एवं समुचित उपयोग सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करें कि वे नियमित रूप से अटल लैब में कार्य करें और स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग को बढ़ावा दें।
सुराणा ने कहा कि हाइटेक व लॉ टेक नवाचारों पर काम करें। शिक्षक खुद रूचि लेकर तकनीकी ज्ञान से बच्चों को समृद्ध करें और उन्हें भविष्य में कैरियर की संभावनाओं के लिए तैयार करें।
उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व लैब प्रभारियों से गत वर्षों में लैब में किए जा रहे प्रयोगों व गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट प्राचार्य डॉ गोविन्द सिंह राठौड़ ने जिला कलक्टर का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की जानकारी दी।
इस कार्यशाला में जिले के अटल टिंकरिंक लैब हेतु चयनित 17 विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं लैब प्रभारियों ने भाग लिया। प्रधानाचार्य अंजू खेड़ीवाल, सुशीला बलौदा, संतोष, रविन्द्र सिंह सहित अन्य ने अपने विचार व अनुभव साझा किए। कार्यशाला में अटल टिंकरिंक लैब की सक्रियता, बच्चों की भागीदारी एवं नवाचारों विस्तार से चर्चा हुई।
बीकानेर से एफआईए एनजीओ के अजय शर्मा, प्रज्ञा तिवारी, लर्निंग बॉय डूइंग कंपनी से योगेश राजपुरोहित एवं गणेश गोविंदम विशेष दक्ष प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान उप प्राचार्य नरेंद्र उपाध्याय, डॉ विजय लक्ष्मी शेखावत, ओमप्रकाश बारूपाल, अफजल अली खान, सचिन ढांडा, भवानी शंकर, गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।





