बिहार चुनाव की तारीख जल्द होगी घोषित! मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- ‘छठ महापर्व की तरह मनाया जाएगा लोकतंत्र का पर्व’, देश को मिलेंगी 17 नई चुनाव सुधार पहलें

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा जल्द ही होने वाली है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है और इससे पहले राज्य में चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार चुनाव को छठ महापर्व की तरह, ‘लोकतंत्र के महापर्व’ के रूप में मनाया जाएगा।

कुमार ने कहा कि आगामी चुनाव में लागू की जाने वाली 17 नई पहलें न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि बिहार ने वैशाली से लोकतंत्र को जन्म दिया है और अब बिहार से ही चुनाव सुधार की नयी दिशा देश को मिलेगी। उन्होंने भोजपुरी और मैथिली में मतदाताओं को संबोधित करते हुए आभार व्यक्त किया और लोकतांत्रिक सहयोग के लिए बधाई दी।
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने पर संतोष व्यक्त किया और दावा किया कि इससे 22 वर्षों के बाद मतदाता सूची का ‘शुद्धिकरण’ संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में 90,207 बीएलओ ने सहयोग किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योग्य मतदाता नामांकन की समाप्ति से दस दिन पहले तक फॉर्म-6 या फॉर्म-7 भरकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं, जबकि आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया गया है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है।
मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें प्रमुख हैं: एक बूथ पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या घटाकर 1200 कर दी गई है ताकि लंबी कतारें न लगें। मतदाताओं को मोबाइल फोन साथ रखने की अनुमति भी दी जाएगी।
आयोग ने ‘वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया है, जहां मतदाताओं और उम्मीदवारों को चुनाव संबंधी सभी सूचनाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत ‘वेबकास्टिंग’ की जाएगी, जिससे मतदान की पूरी प्रक्रिया पर वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।
ईवीएम में भी सुधार किए गए हैं, अब उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें दिखाई देंगी और क्रमांक (सीरियल नंबर) बड़े अक्षरों में होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बिहार के नागरिकों से अपील की कि वे मतदान के दिन इसे एक उत्सव की तरह मनाएं और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करें। दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान निर्वाचन आयोग की टीम ने राजनीतिक दलों, जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
इस दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।














