बैंकों पर RBI की कड़ी कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर लगा जुर्माना
आरबीआई ने दो बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। दिसंबर महीने की पहले तारीख को बैंकिंग नियम तोड़ने पर पेनल्टी लगाई है। आइए जानें रिजर्व बैंक ने यह कदम क्यों उठाया है और क्या इसका असर कस्टमर्स पर भी पड़ेगा?

दिसंबर में भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम जारी रखे हैं। सोमवार को केंद्रीय बैंक ने तमिलनाडु स्थित दो सहकारी बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है।

यह कार्रवाई मार्च 2024 में इन बैंकों की वित्तीय स्थिति की गई जांच के बाद की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर प्राप्त उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई में पेश किए गए तथ्यों की समीक्षा करने के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद RBI ने पेनल्टी लगाने का निर्णय लिया। द कल्लीदाईकुरुचि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 50,000 रुपये और द अरनी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
द अरनी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड पर आरोप था कि उसने कम CRAR (कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट रेशियो) होने के बावजूद अपने सदस्यों को शेयर कैपिटल रिफंड करने दिया। इसके अलावा बैंक ने शेयर लिंकिंग टू बौरोइंग्स नियमों का पालन किए बिना कुछ लोन मंजूर किए और रेगुलेटरी लिमिट से अधिक ऋण स्वीकृत किए। बुलेट रीपेमेंट स्कीम में भी लिमिट से ज्यादा गोल्ड लोन दिए गए।
द कल्लीदाईकुरुचि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड ने भी कम CRAR के बावजूद सदस्यों को शेयर कैपिटल रिफंड की अनुमति दी, जो नियामकीय निर्देशों का उल्लंघन है।
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है और इसका असर ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं पर नहीं पड़ेगा।














