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cg school – ‘स्कूल आ पढ़े बर, जिनगी ला गढ़े बर’ की तर्ज पर चलाया जा रहा ‘हमर लक्ष्य’ अभियान

जिले में वर्तमान में शाला त्यागी, अप्रवेशी पलायन करने वाले छात्रों, नवप्रवेशी का चिन्हांकन कर विशेष अभियान चलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाना है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 16 जून 2025 से जिले के सभी विकासखण्डों संकुलों एवं शालाओं में चरणबद्ध शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है।

sc school /कांकेर/ जिले में कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार व समस्त शैक्षणिक समस्याओं का निराकरण के लिए ‘हमर लक्ष्य’ अभियान चलाया जा रहा है। आकांक्षी जिला कांकेर नक्सल प्रभावित आदिवासी बाहुल्य व दुर्गम पहुंचविहीन भौगोलिक परिस्थितियां होने के बावजूद शिक्षा गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। जिले में 1590 प्राथमिक विद्यालय, 608 माध्यमिक विद्यालय, 247 हाई एवं हायर सेकेंडरी शासकीय विद्यालय पूर्व से संचालित है।

जिले में वर्तमान में शाला त्यागी, अप्रवेशी पलायन करने वाले छात्रों, नवप्रवेशी का चिन्हांकन कर विशेष अभियान चलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाना है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 16 जून 2025 से जिले के सभी विकासखण्डों संकुलों एवं शालाओं में चरणबद्ध शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है।

कलेक्टर क्षीरसागर ने जिले के सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें शिक्षित करने की अपील जिलावासियों से की है। अपनी अपील में उन्होंने कहा है कि शाला त्यागी व अप्रवेशी व नव प्रवेशी चिन्हांकित छात्र-छात्राओं को समीप के विद्यालयो में प्रवेश दिलाने की जवाबदारी हम सबकी है। एक भी बच्चा स्कूल जाने से छूट ना पाये, हमें इन बच्चों के साथ-साथ समावेशी शिक्षा के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी शिक्षा के मुख्यधारा में जोड़ा जाना है। इसी तारतम्य में 16 जून 2025 से जिले के सभी विकासखंड मुख्यालय के प्रत्येक संकुल क्षेत्र एवं सभी शालाओं में चरणबद्ध मनाया जा रहा है।

कलेक्टर ने अपील के माध्यम से बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के प्रयास एवं सभी के सहयोग का ही परिणाम है कि कांकेर जिले में सत्र 2022-23 में 05 छात्र तथा सत्र 2023-24 में 09 छात्रों एवं 2024-25 में 07 छात्रों ने राज्य मेरिट में स्थान बनाया है। कांकेर जिले का पासिंग पर्सेंटेज भी कक्षा 10वीं में 91.05 एवं कक्षा 12वीं में 90.69 रहा है। सत्र 2022-23 में जेईई के 75 छात्र क्वालीफाईड हुए एवं नीट में 82 छात्र क्वालीफाईड हुए हैं, जिसमें से जिला प्रशासन द्वारा 17 छात्रों (¼NIT-03 IIT,09-GGU-05) एवं नीट के 03 छात्रों (MBBS-01, BDS-02) नर्सिंग 09 छात्रों को निःशुल्क प्रवेश दिलाया गया है।

उन्होंने बताया कि सत्र 2023 24 में जईई से 33 छात्र तथा नीट से 35 छात्र और 2024-25 में 29 छात्र जेईई में क्वालीफाइड हुए हैं। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में जहां 2023-24 में 526 छात्र एवं 2024-25 में 356 छात्र चयनित हुए हैं वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय में 58 छात्र कक्षा 6वीं हेतु चयनित हुए हैं। विगत दो वर्षों से प्रारंभिक स्तर से ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी विद्यालयों में ‘नई दिशा’ कैरियर गाईडेंस पत्रिका का प्रकाशन कर उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नोडल शिक्षक के माध्यम प्रारंभ से ही बच्चों को कैरियर गाइडेंस संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने जिलावासियों से अपील की है कि जिले के 05 से 06 वर्ष के बच्चों को बालवाही में तथा 06 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को समीप के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश कराया जाना है। इसी प्रकार 15 से 18 आयु संवर्ग के छात्रों को समीप के हाई व हायर सेकेंडरी विद्यालयों में प्रवेश कराया जाना है जो छात्र हाई एवं हायर सेकेंडरी में शाला त्यागी हो ऐसे बच्चों का ओपन परीक्षा के माध्यम से जोड़ने तथा उनकी निरंतरता बनाए रखने हेतु जिले में  ‘हमर लक्ष्य’ कार्यकम के तहत अनुरोध कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा के जोड़ा जाए।

गत सत्र में हमने 201 छात्रों को प्रवेश दिलाकर उन्हें निरंतरता बनाए रखे। दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की कमी को युक्तियुक्तकरण के माध्यम से योग्य व अनुभवी शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने आगे यह भी बताया कि जिले में आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों हेतु जिले में आश्रम शालाएं, अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पीएमश्री विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, 200 सीटर कन्या आवासीय विद्यालय, बालक डॉरमेट्री में निःशुल्क प्रवेश दिलाने का प्रयास है। राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा कक्षा 01 से 10 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, कक्षा 01 से 08 तक क्रमशः गणवेश, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति से मध्यान्ह भोजन, कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना से सायकल उपलब्ध कराई जा रही है। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से एकल शिक्षक एवं शिक्षकविहीन शालाओं में प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों की पदस्थापना की गई है।

इसके अलावा जिले के सभी विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षक, सुसज्जित प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब, लायब्रेरी, नोडल शिक्षक के माध्यम से निःशुल्क कोंचिंग की व्यवस्था, आईसीटी द्वारा स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्यापन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय किया जा रहा है। प्रत्येक स्तर के शाला प्रवेशोत्सव हेतु विस्तृत निर्देश जारी किया गया है तथा अभियान चलाकर शाला प्रवेश उत्सव व अन्य कार्यों में वृहद पैमाने पर पौधरोपण किया जाए। साथ ही उस दिवस न्यौता भोजन का आयोजन भी किया जा सकता है। शिक्षा विभाग के द्वारा पालक-बालक सम्मेलन, माता उन्मुखीकरण सम्मेलन के माध्यम से सीधे पालकां को जोड़कर कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। हमें बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देना है। कलेक्टर ने  सभी से अनुरोध किया है कि इस सत्र में जिला प्रशासन का लक्ष्य सभी बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने हेतु सामूहिक प्रयास एवं सहयोग की अपेक्षा है

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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