भारत के Real Estate सेक्टर में आने वाले समय में विकास दर रह सकता है सकारात्मक : रिपोर्ट

भारत में अगले छह महीने में Real Estate की ग्रोथ को लेकर आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। यह जानकारी नाइट फ्रैंक-एनएआरईडीसीओ द्वारा शुक्रवार को जारी किए सर्वे में दी गई।

सर्वे में भाग लेने वाले 62 प्रतिशत भागीदारों का मानना है कि रेजिडेंशियल मार्केट में एक करोड़ या उससे अधिक के घरों की कीमत में इजाफा होने की उम्मीद है। 40 प्रतिशत लोगों का मानना है कि बिक्री में इजाफा हो सकता है। 38 प्रतिशत का मानना है कि बाजार स्थिर रहेगा।

रिपोर्ट में बताया गया कि ऑफिस मार्केट को लेकर भी ऐसा ही रुझान है।

नाइट फ्रैंक-नारेडको Real Estate सेंटीमेंट इंडेक्स रियल एस्टेट सेक्टर, आर्थिक माहौल और फंडिंग की उपलब्धता के बारे में आपूर्ति पक्ष के हितधारकों और वित्तीय संस्थानों की धारणाओं को दर्शाता है। 50 का स्कोर स्थिर आउटलुक को दर्शाता है।

वहीं, 50 से ऊपर का स्कोर सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर नकारात्मक आउटलुक को दर्शाता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि डेवलपर फ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर 2024 की दूसरी तिमाही में 61 से बढ़कर इस वर्ष की तीसरी तिमाही में 65 हो गया, जो सेक्टर को लेकर आशावान होने का संकेत देता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डेवलपर्स सकारात्मक बने हुए हैं, बदलते बाजार की गतिशीलता के अनुकूल ढल रहे हैं और मौजूदा बिक्री की गति का लाभ उठा रहे हैं।

गैर-डेवलपर फ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर (जिसमें बैंक, वित्तीय संस्थान और पीई फंड शामिल हैं) 2024 की दूसरी और तीसरी तिमाही तक 68 पर यथावत बना हुआ है, जो रियल एस्टेट की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं में उनके विश्वास को दर्शाता है।

Moto G15 और G15 Power: दमदार फीचर्स और बैटरी के साथ ग्लोबल मार्केट में मोटोरोला का नया धमाका

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा, “2024 की तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स भारत के Real Estate सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है। करंट सेंटीमेंट स्कोर में थोड़ी नरमी आई है, फ्यूचर सेंटीमेंट स्कोर में सुधार हुआ है, जो पक्षकारों के बीच बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।

उच्च-स्तरीय आवासीय बिक्री में मजबूत मांग और कमर्शियल स्पेस में स्थिर लीजिंग रियल एस्टेट के स्थिर प्रदर्शन को रेखांकित करती है।”

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles