Chhattisgarh

DSP Kalpana Verma और कारोबारी विवाद में बड़ा मोड़: 1400 पन्नों की रिपोर्ट में खुफिया जानकारी लीक होने का खुलासा

सरकार के निर्देश पर एडिशनल एसपी स्तर पर कराई गई जांच की करीब 1475 पेज की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे जल्द ही शासन को सौंपा जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए गए हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की चर्चित महिला DSP Kalpana Verma और राजधानी के कारोबारी दीपक टंडन के बीच जारी विवाद अब एक नया और बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। शासन के निर्देश पर एडिशनल एसपी स्तर की जांच समिति ने करीब 1475 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।

इस रिपोर्ट के केंद्र में केवल करोड़ों की ठगी के आरोप ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दे भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट को जल्द ही गृह विभाग और राज्य शासन को सौंपा जाएगा, जिसके बाद बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जांच रिपोर्ट के सबसे चौंकाने वाले हिस्से में डीएसपी कल्पना वर्मा और दीपक टंडन के बीच हुई निजी व्हाट्सएप चैट का उल्लेख है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि DSP Kalpana Verma ने कारोबारी के साथ पुलिस विभाग की खुफिया और गोपनीय जानकारियां साझा कीं।

मीडिया रिपोर्ट अनुसार सबसे गंभीर आरोप यह है कि इन बातचीत में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों (जैसे दंतेवाड़ा, जहाँ डीएसपी पदस्थ रही हैं) से जुड़ी सुरक्षा रणनीतियां और खुफिया इनपुट भी लीक किए गए।रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी बाहरी व्यक्ति के साथ ऐसी रणनीतिक जानकारी साझा करना आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और सेवा नियमों के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने पहले ही डीएसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2021 से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये वसूले गए। इसमें 2 करोड़ रुपये नकद के अलावा, एक लग्जरी कार, 12 लाख की हीरे की अंगूठी और 5 लाख के सोने के आभूषण शामिल हैं।

कारोबारी का आरोप है कि डीएसपी ने अपने भाई के नाम पर होटल खुलवाने के बहाने भी भारी रकम ऐंठी है।वहीं, DSP Kalpana Verma ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया को दिए बयानों में कहा है कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और कारोबारी द्वारा पेश किए गए साक्ष्य या चैट पूरी तरह फर्जी और एडिटेड हैं।

उनका तर्क है कि उन्हें बदनाम करने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश है। उल्लेखनीय है कि कारोबारी दीपक टंडन के खिलाफ भी अन्य मामलों में कोर्ट ने वारंट जारी किया था, जिसे डीएसपी ने अपने बचाव में पेश किया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को DSP Kalpana Verma और कारोबारी दीपक टंडन की कोर्ट में पेशी होनी है। माना जा रहा है कि 1475 पन्नों की इस विशाल रिपोर्ट के आधार पर शासन डीएसपी को निलंबित करने या विभागीय जांच (DE) बिठाने का बड़ा फैसला ले सकता है।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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