Chhattisgarh Liquor scam: शराब घोटाले में तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास गिरफ्तार, करोड़ों के हेरफेर का आरोप!

Chhattisgarh Liquor scam। रायपुर: छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। निरंजन दास पर विभाग प्रमुख के तौर पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का लाभ उठाने का आरोप है।

Chhattisgarh Liquor scam।निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने आबकारी विभाग में सक्रिय एक सिंडिकेट के साथ मिलकर कई अनियमितताएं कीं।
अघोषित शराब की बिक्री शामिल है ।शासकीय शराब दुकानों में ‘अन-अकाउंटेड’ (बिना हिसाब-किताब) शराब की बिक्री को बढ़ावा दिया।
साथ ही ट्रांसफर और टेंडर में हेरफेर की बात भी सामने आई है।जिसमें अधिकारियों के तबादलों और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर सिंडिकेट को अवैध लाभ पहुंचाया गया।
साथ ही दोषपूर्ण शराब नीति के जरिए दोषपूर्ण शराब नीति लाने में सहयोग किया, जिससे सिंडिकेट को करोड़ों का फायदा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट मुताबिक यह गिरफ्तारी शराब घोटाले से संबंधित FIR नंबर 04/2024 के तहत की गई है। निरंजन दास पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 12, और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120B (आपराधिक साजिश) लगाई गई हैं।Chhattisgarh Liquor scam














