CG Paddy Purchase: धान खरीदी पर क्रेडिट वॉर, भूपेश बघेल ने जताया आभार, पर साय सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य सरकार द्वारा दो अतिरिक्त दिनों की मोहलत दिए जाने के फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही सरकार को 'आंकड़ों की बाजीगरी' न करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।

Cg paddy purchase।रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अंतिम तिथि (31 जनवरी) बीतने के बाद किसानों की चिंताओं को लेकर विपक्ष के दबाव का असर दिखने लगा है।

Cg paddy purchase।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा धान खरीदी की अवधि को 5 और 6 फरवरी 2026 तक बढ़ाने के निर्णय पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के इस कदम की सराहना की है, लेकिन साथ ही इसे अपनी मांग का परिणाम बताते हुए भविष्य में उग्र आंदोलन के संकेत भी दिए हैं।

भूपेश बघेल ने पोस्ट में उल्लेख किया कि उन्होंने आज ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन हजारों किसानों का मुद्दा उठाया था जो तकनीकी कारणों या टोकन निरस्त होने की वजह से धान नहीं बेच पाए थे।

बघेल ने कहा, “मुझे मीडिया से सूचना मिली है कि सरकार ने 5 और 6 फरवरी को खरीदी बढ़ाने का फैसला किया है। इस सकारात्मक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि प्रदेश के एक-एक किसान का दाना खरीदा जाए।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल आभार जताकर बात खत्म नहीं की। उन्होंने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि धान खरीदी के आंकड़ों में पारदर्शिता होनी चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि
कई किसानों के रकबे को ‘जीरो’ कर दिया गया है।तकनीकी खामियों की वजह से पंजीकृत किसानों को पोर्टल से बाहर रखा जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने लक्ष्य प्राप्ति दिखाने के लिए आंकड़ों में कोई हेरफेर की या किसानों को वंचित रखा, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और इसके खिलाफ मुखर होकर सड़क पर उतरेगी।5 और 6 फरवरी को किन्हें मिलेगा मौका?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दो दिन विशेष रूप से उन तीन श्रेणियों के किसानों के लिए हैं।जिनके टोकन का सत्यापन 10 जनवरी के बाद लंबित था।जिनके पास सत्यापन के बाद स्टॉक पाया गया लेकिन समय खत्म हो गया।तकनीकी कारणों से वंचित रह गए पंजीकृत किसान।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles