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CG News: मेडिकल फ्रेंचाइजी के नाम पर व्यापारी से करीब 25 लाख की ठगी, एक लाख महीने मुनाफे का लालच देकर कंपनी ने लगाया चूना

Cg news।दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक व्यापारी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राहुल परिहार नामक व्यवसायी को एक नामी मेडिकल कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर शातिरों ने 25 लाख 93 हजार 400 रुपए ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे साइबर सेल को सौंप दिया है।

​पीड़ित राहुल परिहार ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले ‘ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक मार्केटिंग कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क किया था। कंपनी के मार्केटिंग हेड और अन्य अधिकारियों ने दावा किया था कि यदि वे उनकी मेडिकल फ्रेंचाइजी लेते हैं, तो उन्हें हर महीने कम से कम 1 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा होगा। इस आकर्षक ऑफर और मुनाफे के लालच में आकर राहुल ने 27 अक्टूबर 2024 को कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर फ्रेंचाइजी ले ली।

​फ्रेंचाइजी मिलने के बाद कंपनी ने राहुल से अलग-अलग मदों में निवेश के नाम पर मोटी रकम वसूलनी शुरू कर दी। प्रार्थी के अनुसार, उससे निम्नलिखित सुविधाओं के नाम पर कुल 25.93 लाख रुपए लिए गए:

  • ​फ्रेंचाइजी फीस और कागजी कार्रवाई।
  • ​स्टोर के लिए शानदार इंटीरियर और मार्केटिंग सामग्री।
  • ​दवाइयों का शुरुआती स्टॉक और इन्वेंट्री।
  • ​डॉक्टर की विजिट और पैथोलॉजी लैब की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन।

​राहुल ने भरोसा जताते हुए कंपनी को आरटीजीएस (RTGS) और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से पूरी रकम ट्रांसफर कर दी।

पैसे मिलते ही कंपनी ने काटा संपर्क, नंबर किया ब्लॉक

​पूरी रकम वसूलने के बाद कंपनी के अधिकारियों का व्यवहार अचानक बदल गया। जब राहुल ने काम शुरू करने और स्टॉक की डिलीवरी के लिए संपर्क किया, तो कंपनी के लोगों ने टालमटोल शुरू कर दी। राहुल ने जब मार्केटिंग हेड से सख्ती से बात की, तो उन्होंने बहस करते हुए राहुल का नंबर ब्लॉक कर दिया। इतना ही नहीं, कंपनी ने राहुल द्वारा भेजे गए आधिकारिक ईमेल्स का जवाब देना भी बंद कर दिया।

पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई शुरू

​ठगी का शिकार होने के बाद राहुल परिहार ने मोहन नगर थाने में ठगी से जुड़े सभी साक्ष्य, जैसे कि पेमेंट स्लिप, ईमेल और कंपनी के साथ हुए पत्राचार जमा कराए हैं। मोहन नगर पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। चूंकि मामला बड़ी रकम और डिजिटल लेनदेन से जुड़ा है, इसलिए इसे साइबर पुलिस को विवेचना के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब कंपनी के बैंक खातों और संबंधित अधिकारियों के लोकेशन की जांच कर रही है।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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