CG Congress- कांग्रेस में ब्लॉक की लड़ाई, नियुक्तियों के बाद उभरा असंतोष, सूरजपुर जिलाध्यक्ष ने बैज को चिट्ठी लिख नियुक्ति पर उठाए सवाल
सूरजपुर जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने अपनी चिट्ठी में नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष मनोज डालमिया के चयन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पत्र के माध्यम से तर्क दिया है कि सूरजपुर ब्लॉक के भौगोलिक और जनसांख्यिकीय ढांचे को देखते हुए नेतृत्व का चुनाव सही नहीं हुआ है। सिंह के अनुसार, सूरजपुर ब्लॉक में लगभग 100 ग्राम पंचायतें आती हैं और यहां की 95 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

CG Congress/छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 307 ब्लॉक अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के भीतर आंतरिक खींचतान और असंतोष की खबरें सामने आने लगी हैं। कई जिलों में इन नियुक्तियों को लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

सबसे मुखर विरोध सूरजपुर जिले से सामने आया है, जहां नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने सीधे प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति को बदलने की मांग कर दी है। शशि सिंह की यह आपत्ति न केवल संगठन के भीतर समन्वय की कमी को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में पार्टी के भीतर गुटीय समीकरणों के और अधिक जटिल होने का संकेत भी दे रही है।
सूरजपुर जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने अपनी चिट्ठी में नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष मनोज डालमिया के चयन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पत्र के माध्यम से तर्क दिया है कि सूरजपुर ब्लॉक के भौगोलिक और जनसांख्यिकीय ढांचे को देखते हुए नेतृत्व का चुनाव सही नहीं हुआ है। सिंह के अनुसार, सूरजपुर ब्लॉक में लगभग 100 ग्राम पंचायतें आती हैं और यहां की 95 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।
ऐसे में किसी शहरी पृष्ठभूमि वाले नेता को कमान सौंपने के बजाय ग्रामीण क्षेत्र की नब्ज समझने वाले व्यक्ति को मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने डालमिया की जगह संतोष पावले को इस पद की जिम्मेदारी देने का ठोस सुझाव दिया है ताकि ग्रामीण कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विरोध की जड़ें गुटीय राजनीति में भी गहरी हो सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष मनोज डालमिया को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बेहद करीबी माना जाता है, जबकि जिलाध्यक्ष शशि सिंह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे की नजदीकी मानी जाती हैं।
सत्ता से बाहर होने के बाद संगठन पर पकड़ मजबूत करने की इस होड़ ने पार्टी के भीतर फिर से पुरानी खींचतान को हवा दे दी है। केवल सूरजपुर ही नहीं, बल्कि महासमुंद सहित प्रदेश के कई अन्य हिस्सों से भी ब्लॉक अध्यक्षों के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं के नाराज होने की खबरें मिल रही हैं। कई नए जिला अध्यक्षों का भी यह आरोप है कि उनसे सलाह-मशविरा किए बिना ही विधायकों और पूर्व विधायकों की पसंद के आधार पर नियुक्तियां कर दी गई हैं।
इस पूरे विवाद पर पीसीसी नेतृत्व का रुख फिलहाल बचाव का नजर आ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने नियुक्तियों से जुड़े विवादों को कमतर आंकते हुए कहा कि प्रदेश के 307 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कहीं से कोई बड़ा विरोध सामने नहीं आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि सूरजपुर जिलाध्यक्ष शशि सिंह से उनकी फोन पर सामान्य चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन संगठन के पास अब तक लिखित रूप में कोई आधिकारिक आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर ब्लॉक स्तर पर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में संगठन की एकजुटता के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। कई जिलों में कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि स्थानीय भावनाओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों की राय को नजरअंदाज किया गया, तो इसका सीधा असर भविष्य की चुनावी तैयारियों और संगठन की जमीनी पकड़ पर पड़ेगा।














