CG कलेक्टर कॉन्फ्रेंस: धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

CG कलेक्टर कॉन्फ्रेंस। रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में इतवार को सुबह साढ़े दस बजे कलेक्टर कॉन्फ्रेंस शुरू हुई।रविवार को हो रही यह अहम बैठक मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में रखी गई।

इस बैठक में चीफ सेकरेट्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर  उपस्थित हैं। कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं।सबसे पहले खाद्य विभाग की समीक्षा के साथ बैठक शुरू हुई।जिसमें सीएम ने आगामी धान खरीदी को देखते हुए  महत्वपूर्ण निर्देश अफसरों को दिए हैं।

उन्होंने कहा कि – किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेगी सरकार।किसान पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर करें पूरा। सीएम ने किसान पंजीयन में धीमी प्रगति वाले जिलों से आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली है।

उन्होंने निर्देश दिए कि दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर  पंजीय करे।

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प्रदेश में 15 नवंबर से  धान खरीदी होनी है। सीएम ने दो टूक कहा कि धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।प्रभारी सचिवों को जिलों में धान खरीदी की पैनी निगरानी करने के निर्देश भी श्री साय ने दिए।

उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था हो।इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से  चौकसी बढ़ाई जाएगी।अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

इसके बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कोई पात्र किसान न छूटें इसे भी ध्यान रखने मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कलेक्टर्स योजना का लाभ दिलाने समय सीमा निर्धारित कर काम करें ।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन की समीक्षा कमिश्नरों को करने कहा।बस्तर और सरगुजा संभाग में संवेदनशीलता के साथ विशेष फोकस करें अधिकारी।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, यह सुनिश्चित करें कलेक्टर।ग्रामीण इलाकों में हितग्राहियों को आसानी से मिले बैंक फाइनेंस की सुविधा।

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा और कार्यक्रमों की प्रगति निगरानी के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।स्वस्थ छत्तीसगढ़ से “सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना होगा साकार।

श्री साय ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने शत-प्रतिशत अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि गर्भवती माताओं और बच्चों के टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से आयोजित हों और फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक प्रकरण में किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।

साथ ही एनआरसी सेंटरों का संचालन प्रभावी और सतत हो, माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर संचारी रोग (NCDs) के प्रति लोगों में जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया जाए।बस्तर संभाग के जिलों में मलेरिया के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए ताकि प्रदेश को मलेरिया-मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हो।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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