बलरामपुर: स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा की पीलिया से मौत, दूषित पानी पर उठे गंभीर सवाल!

बलरामपुर: जिला मुख्यालय बलरामपुर के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां सातवीं कक्षा की एक छात्रा की पीलिया से मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि छात्रा को बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने स्कूल में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और परिजनों ने सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी 27 सितंबर को पूरी तरह स्वस्थ होकर स्कूल गई थी। विजयदशमी अवकाश के दौरान उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बावजूद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद उसे रायपुर रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
उनका आरोप है कि विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है और दूषित पानी के कारण ही बच्चों में पीलिया का संक्रमण फैल रहा है।
इस मामले पर स्कूल के प्राचार्य महेश कुमार प्रजापति ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक विजयदशमी के कारण स्कूल में अवकाश था। अवकाश समाप्त होने के बाद छात्रा स्कूल नहीं आई। जब दो दिन तक वह अनुपस्थित रही, तो शिक्षकों ने जानकारी ली, तब पता चला कि वह बीमार है और इलाज के लिए उसे बाहर ले जाया गया है।
वहीं, बीएमओ हेमंत दीक्षित ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 25 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल में एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया था। उस दौरान लगभग 50 छात्रों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 3 से 4 छात्र पीलिया से संक्रमित पाए गए थे। बीएमओ के अनुसार, सभी संक्रमित छात्रों का उचित उपचार कर उन्हें स्वस्थ कर दिया गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी, मनीराम यादव ने कहा कि स्वास्थ्य शिविर के दौरान मृत छात्रा में पीलिया की पुष्टि नहीं हुई थी। उन्होंने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बीईओ एवं एबीईओ को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दुखद घटना के बाद, ग्रामीण और मृत छात्रा के परिजनों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्वामी आत्मानंद स्कूल में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।







