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RBI New Rules-क्रेडिट स्कोर अपडेट पर RBI का बड़ा बदलाव! अब हर दो हफ्ते में क्रेडिट डेटा जमा करना होगा अनिवार्य, ग्राहकों को होगा सीधा फायदा

RBI New Rules। दिल्ली।रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया क्रेडिट इन्फॉर्मेशन रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव करने (RBI New Rules) जा रहा है।

ड्राफ्ट सर्कुलर सितंबर 2025 में ही जारी किया था। बैंकों और मार्केट प्रतिभागियों से 20 अक्टूबर तक फ़ीडबैक भी मांगा गया है।

नए नियम लागू होने से कई ग्राहकों को फायदा होगा। क्रेडिट स्कोर पहले से भी कम समय में अपडेट होगा। जिससे लोन लेने में आसानी होगी।RBI New Rules

सितंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के मुताबिक क्रेडिट इंस्टिट्यूशन (CI) के क्रेडिट इनफॉरमेशन कंपनियों के लिए हर दो हफ्ते या उससे कम समय में क्रेडिट इनफॉरमेशन रिपोर्ट जमा करना जरूरी होगा। यह प्रस्ताव आरबीआई द्वारा रखा गया है।RBI New Rules

1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हो सकते हैं। सर्कुलर में तेजी से डेटा जमा करने और गलतियों को ठीक करने की उपायों को भी जरूरी बनाया जाएगा। इससे क्रेडिट इनफॉरमेशन जानकारी करने में आसानी होगी। इसके अलावा कंज्यूमर सेगमेंट के रिपोर्टिंग फॉर्मेट में एक अलग फील्ड से CKYC नंबर दर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।RBI New Rules

वर्तमान क्रेडिट स्कोर अपडेट 15 दिन में एक बार होता है। लेकिन यदि नया नियम लागू हो जाता है, तो क्रेडिट इंफॉरमेशन कंपनियों को हर महीने 7, 14, 21, 28 तारीख और महीने के आखिरी दिन तक डेटा अपडेट करना होगा। वहीं बैंक हर महीने की 3 तारीख तक पूरा डाटा भेजेंगे। जबकि चार तारीखों पर सिर्फ नया बदलाव यानी इंक्रीमेंटल डेटा भेजना का प्रवधान होगा।RBI New Rules

इंक्रीमेंट डेटा में पिछले रिपोर्टिंग साइकिल के बाद से खोल गए अकाउंट की जानकारी होगी। इसके अलावा पिछले साइकिल में खत्म हुए अकाउंट की जानकारी भी होगी, जिनमें उधार लेने वाले और CI के बीच रिश्ता था। इसके अलावा उधारकर्ता की गतिवविधियों और एसेट की क्लासिफिकेशन में बदलाव किए अकाउंट की जानकारी भी शामिल होगी।

ये बदलाव भी होंगे।RBI New Rules

क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को दक्ष पोर्टल पर रिपोर्ट करना होगा। ऐसे क्रेडिट इंस्टीट्यूशन की लिस्ट जमा करनी होगी, जानकारी और मॉनिटरिंग के उद्देश्य से डिपार्टमेंट ऑफ़ सुपरविजन आरबीआई सेंट्रल ऑफिस को 6 महीने के अंतराल पर डेटा जमा करने की टाइमलाइन का पालन नहीं कर पाएंगे। हर साल यह रिपोर्ट 31 मार्च और 30 सितंबर को जमा करनी होगी।

क्रेडिट इंस्टीट्यूशन अपने कर्ज लेने वालों का सेंट्रल केवाईसी नंबर सीआईसी को रिपोर्ट करेंगे।

क्रेडिट इनफॉरमेशन कंपनियों को एक जैसा एक्सेप्टेंस वैलिडेशन नियम लागू करना होगा, जिसे वे उन्हें क्रेडिट इंस्टीट्यूशन के साथ शेयर करेंगी। ताकि डेटा रिजेक्शन के मामले कम हो सके। इसके अलावा रिजेक्शन के मामलों को कंपनियां एक जैसे पैरामीटर के तौर पर तय करेंगई। जिसकी जानकारी सभी क्रेडिट इंस्टीट्यूशन को सर्कुलेट भी की जाएगी।RBI New Rules

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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