8th pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 2026-27 में बंपर सैलरी वृद्धि का अनुमान

8th pay commission ।नई दिल्ली: देश के करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है!

31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, और इसके साथ ही 8वें वेतन आयोग की घोषणा का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक न तो चेयरमैन की घोषणा की है और न ही टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अंतिम रूप दिया है, लेकिन उम्मीद है कि नया वेतन आयोग 2026 के अंत या 2027 में लागू हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर में बड़ा उछाल, सैलरी होगी तीन गुना!
अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो सबसे बड़ा बदलाव फिटमेंट फैक्टर में देखने को मिलेगा। वर्तमान में 2.57 फीसदी के फिटमेंट फैक्टर के कारण 7वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।
इस बार चर्चा है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी लगभग 3 गुना बढ़ने की संभावना है!
यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे अलग-अलग पे लेवल पर सैलरी में वृद्धि हो सकती है:
पे लेवल 1: वर्तमान में ₹18,000 बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी की सैलरी बढ़कर ₹51,480 हो सकती है।
लेवल 2: इन कर्मचारियों का वेतन ₹19,900 से बढ़कर ₹56,914 हो सकता है।
लेवल 3: इस लेवल पर रहने वालों को ₹21,700 से बढ़कर ₹62,062 मिल सकते हैं।
लेवल 6: यहां मूल वेतन ₹35,400 से बढ़कर ₹1 लाख से अधिक हो सकता है।
लेवल 10: एंट्री लेवल के IAS और IPS अधिकारियों सहित इस लेवल के अधिकारियों का वेतन ₹56,100 से बढ़कर ₹1.6 लाख हो सकता है।
महंगाई भत्ता और हाउस रेंट अलाउंस पर भी बड़ा अपडेट!
महंगाई भत्ता (DA): 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा या फिर कोई नया फॉर्मूला तय होगा, इसको लेकर काफी चर्चा तेज है।
इससे पहले 2016 में 125% DA को मूल वेतन में मर्ज कर दिया गया था और DA की गणना फिर से शुरू हुई थी। इस बार भी सरकार DA की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्मूले को पूरी तरह बदलने पर विचार कर रही है।
2016 की तरह नए वेतन आयोग में कर्मचारियों के पे स्केल, प्रमोशन, और सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव हो सकते हैं। वर्तमान में DA की कैलकुलेशन AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर होती है और इसका बेस ईयर 2016 है।
हाउस रेंट अलाउंस (HRA): HRA में भी बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि हर वेतन आयोग के साथ हाउस रेंट अलाउंस की दरों में संशोधन किया जाता है।
6वें वेतन आयोग में HRA की दरें 30% (X शहर), 20% (Y शहर) और 10% (Z शहर) की दर से रिवाइज की गई थीं।
7वें वेतन आयोग में इसे 24%, 16% और 8% रिवाइज किया गया था। 50 फीसदी डीए होने पर HRA को बढ़ाकर 30%, 20% और 10% कर दिया गया था। ऐसे में अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में भी HRA की दरों को फिर से बेसिक पे और डीए स्ट्रक्चर के अनुसार रिवाइज किया जा सकता है।














