shani gochar shani dhaiya and sade sati- शनि देव की तिरछी नजर: 2027 तक इन 5 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सेहत और धन को लेकर रहें सावधान!

shani gochar shani dhaiya and sade sati/वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मों का फल देने वाला माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति के जीवन में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम से कम तीन बार जरूर आता है। वर्तमान समय की बात करें तो शनि देव अभी देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और वे साल 2027 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे।

shani gochar shani dhaiya and sade sati/शनि के इस राशि परिवर्तन और वर्तमान स्थिति के कारण कुछ विशेष राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का साया मंडरा रहा है, जिससे उन्हें आगामी कुछ वर्षों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस अवधि में शनि देव व्यक्ति की कड़ी परीक्षा लेते हैं और उसके संचित कर्मों के आधार पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं।

शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव की बात करें तो इस समय मेष, मीन और कुंभ राशि के जातकों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रथम चरण शुरू हो चुका है, जिसे मानसिक तनाव और शुरुआती संघर्षों का कारक माना जाता है। वहीं, मीन राशि के लोग साढ़ेसाती के दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहे हैं, जिसमें पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है।

इन तीनों राशियों के लिए साल 2027 तक का समय उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अनबन, व्यापार की गति धीमी होना और बनते हुए कार्यों में रुकावट आना जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। विशेष रूप से धन के निवेश और स्वास्थ्य के मामले में इन जातकों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

साढ़ेसाती के अलावा शनि की ढैय्या भी कुछ राशियों के लिए कष्टकारी साबित हो सकती है। वर्तमान में धनु और सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, जो साल 2027 तक जारी रहेगा। ढैय्या के प्रभाव स्वरूप इन राशियों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, आकस्मिक चोट या दुर्घटना के योग भी बन रहे हैं, इसलिए वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आर्थिक मोर्चे पर भी इन राशियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि दिया हुआ उधार वापस मिलने में कठिनाई हो सकती है और व्यर्थ के खर्चों के कारण बजट बिगड़ सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव का प्रभाव केवल कष्ट देने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति को अनुशासन और धैर्य सिखाने के लिए होता है। नौकरीपेशा लोगों को इस दौरान अपने काम के प्रति अधिक ईमानदार और परिश्रमी होना पड़ेगा, अन्यथा कार्यस्थल पर अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

संबंधों के लिहाज से भी यह समय संवेदनशील है, जहां छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकता है। हालांकि, जो लोग अपने आचरण को शुद्ध रखते हैं और दूसरों की मदद करते हैं, उन पर शनि के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। 2027 तक के इस दौर में इन पांच राशियों को धैर्य से काम लेने और किसी भी बड़े वित्तीय जोखिम से बचने की आवश्यकता है।

डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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